बसंत विहार स्थित निशा नर्सिंग होम में कथित लापरवाही के चलते जच्चा-बच्चा की मौत के मामले को लेकर पीड़ित परिवार और D.A.V पीजी कॉलेज देहरादून के छात्र नेताओं ने गुरुवार को प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता आयोजित कर प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रेस वार्ता में पूर्व महासचिव डी.ए.वी. पी.जी. कॉलेज देहरादून एवं स्वर्गीय निकिता मीणा के पति सतेंद्र बिष्ट ने बताया कि देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा गठित जांच समिति ने मामले की जांच की थी। जांच के आधार पर 23 जून 2026 को निशा नर्सिंग होम का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। हालांकि, उनका आरोप है कि अब तक नर्सिंग होम के डॉक्टरों और अन्य जिम्मेदार स्टाफ के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि केवल लाइसेंस निरस्त कर देना पर्याप्त नहीं है। मामले में लापरवाही के लिए जिम्मेदार डॉक्टरों एवं कर्मचारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करते हुए संबंधित चिकित्सकों के लाइसेंस निरस्त करने की भी मांग उठाई है , ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रेस वार्ता के दौरान प्रशासन और जांच समिति से मांग की गई कि एक सप्ताह के भीतर दोषी डॉक्टरों और स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समयावधि में कोई कार्रवाई नहीं की गई तो पीड़ित परिवार और समर्थक जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
