शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नालियों के टूटे हुए चैंबर और कई स्थानों पर चैंबरों के पूरी तरह गायब होने से आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। फुटपाथों और सड़कों के किनारे बनी नालियों पर चैंबर न होने के कारण राहगीरों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए हर समय दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सामान्य दिनों में भी कई लोग खुले चैंबरों और नालियों में गिरकर चोटिल हो चुके हैं, जबकि बरसात के मौसम में यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बारिश के दौरान पानी भर जाने से खुले चैंबर दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका और अधिक बढ़ जाती है। गूंज केसरी की टीम ने जब निरीक्षण किया तो पाया कि अनेक स्थानों पर नालियों के चैंबर टूटे पड़े हैं, जबकि कई जगहों पर चैंबर लगाए ही नहीं गए हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि नालियों में कूड़ा-कचरा भी लगातार जमा हो रहा है। बरसात के दौरान खुले चैंबरों के कारण कूड़ा नालियों से बाहर निकलकर सड़कों और फुटपाथों पर फैल जाता है, जिससे गंदगी और जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है।
स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि बरसात के मौसम को देखते हुए शहरभर में खुले और क्षतिग्रस्त चैंबरों का तत्काल सर्वे कराया जाए तथा सभी नालियों पर मजबूत चैंबर लगाए जाएं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बरसात में बड़े हादसे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्षेत्रवासियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े इतने गंभीर मुद्दे के बावजूद निगम प्रशासन की उदासीनता समझ से परे है l
