हरेला पर्व के अवसर पर उत्तराखंड संस्कृति, साहित्य एवं कला परिषद द्वारा आयोजित “लोक पर्व हरेला हरियाली महोत्सव – एक पेड़ माँ के नाम” कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उनके उत्कृष्ट सामाजिक एवं जनहितकारी कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में परिषद की उपाध्यक्ष श्रीमती मधु भट्ट ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का पुष्पगुच्छ एवं सम्मान-पत्र देकर अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि हरेला पर्व केवल एक सांस्कृतिक परंपरा नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने सभी से “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
सम्मानित महिलाओं ने इस सम्मान के लिए मधु भट्ट एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण, अधिक से अधिक पौधरोपण तथा हरियाली बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं हरा-भरा वातावरण देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में हेमा परिहार, सुनीता तमांग, लता सेमवाल, सरिता थापा, मीरा शर्मा, रूपा, संगीता, निक्की, कमला रावत सहित बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, हरियाली और सामाजिक सहभागिता के संदेश से ओत-प्रोत रहा।
