डाकपत्थर, 20 अक्टूबर। डाकपत्थर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर आयोजित दुर्गा पूजा महोत्सव का समापन मंगलवार को मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के साथ हुआ। छह दिवसीय पूजा का शुभारंभ 16 अक्टूबर को षष्ठी पूजा के साथ किया गया था। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से मां दुर्गा की आराधना की। वहीं, विजयादशमी के अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक सिंदूर खेला की रस्म निभाकर मां दुर्गा को भावुक विदाई दी।
कार्यक्रम के आयोजक श्री तारकनाथ घोष, श्री संजीव सरकार, श्री नितिन भट्टाचार्य और श्री परिमल गोस्वामी ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महोत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। वीणा सरकार के नेतृत्व में छोटे बच्चों ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर पूर्णिमा घोष, तनुश्री गोलदार, सुतापा दत्ता, सिवली कर्मकार, हिमानी भट्टाचार्य और विथिका सरकार सहित अन्य महिलाओं ने पूजा-अर्चना एवं विभिन्न कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सिंदूर खेला के साथ निभाई परंपरा
विजयादशमी के दिन मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन से पहले महिलाओं ने पारंपरिक सिंदूर खेला की रस्म निभाई। महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाया, मिठाई खिलाई और गले मिलकर विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। बंगाली समुदाय में इस परंपरा का विशेष महत्व है। यह रस्म खुशहाली, सौभाग्य और आपसी प्रेम का प्रतीक मानी जाती है।
नम आंखों से मां दुर्गा को दी विदाई
पूजा महोत्सव के समापन पर माहौल भक्तिमय होने के साथ भावुक भी हो गया। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा को मिठाई और पान अर्पित कर विदाई दी। मां की विदाई के समय महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। सभी ने मां से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हुए कहा, ‘अगले बरस फिर आना मां।’
इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा को श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ डाकपत्थर बैराज में विसर्जित किया गया। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और सभी के कल्याण की कामना की।
नए परिधानों में नजर आए श्रद्धालु
बंगाली समुदाय में दुर्गा पूजा का विशेष सांस्कृतिक महत्व है। इस दौरान लोग नए परिधान पहनकर पूजा-अर्चना और उत्सव में शामिल होते हैं। डाकपत्थर में भी श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पारंपरिक रस्मों के बीच संपन्न हुआ यह आयोजन लोगों के लिए यादगार बन गया।
रिपोर्टर राजू ठाकुर
