देहरादून। ढोल-दमाऊ की गूंज, रणसिंघे की गर्जना, पारंपरिक वेशभूषा में सजे लोक कलाकार और सिर पर कलश धारण कर चलती महिलाएं। शनिवार को देहरादून की सड़कों पर उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति का मनमोहक नजारा देखने को मिला। संस्कृति के संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश देती भव्य सांस्कृतिक यात्रा के साथ ही परेड ग्राउंड में चार दिवसीय ठोऊड़ा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। महोत्सव की पहली शाम लोक गायकों के नाम रही, जहां गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी और हिमाचली गीतों ने दर्शकों को देर रात तक झूमने पर मजबूर कर दिया।
कलश यात्रा में दिखी लोक परंपराओं की झलक
ठोऊड़ा महोत्सव के शुभारंभ पर निकाली गई सांस्कृतिक यात्रा ने शहरवासियों का ध्यान आकर्षित किया। यात्रा की शुरुआत क्वालिटी चौक से हुई, जो घंटाघर और लैंसडौन चौक से होते हुए परेड ग्राउंड पहुंची। यात्रा में पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर उत्तराखंड की सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत किया। वहीं, ढोल-दमाऊ की थाप पर थिरकते लोक कलाकारों, रणसिंघे की गूंज और रामलीला के पात्रों ने आयोजन की शोभा बढ़ाई।
यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने लोक संस्कृति के इस अनूठे प्रदर्शन को देखा। आयोजन के माध्यम से प्रदेश की पारंपरिक विरासत को सहेजने के साथ ही स्वच्छता अपनाने का संदेश भी दिया गया।
परेड ग्राउंड में आयोजित महोत्सव का शुभारंभ सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन की संस्थापक गीता धामी और प्रदेश के धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने किया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हुआ। लोकगायिका रेशमा शाह के साथ विनोद रांगता, गणेश कांडपाल, सुंदर आगरी, सुरपाल शीरवान, मनोज सागर और अनूप चांगता ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया।
जौनसारी, गढ़वाली, कुमाऊंनी और हिमाचली लोकगीतों की मधुर धुनों पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे।
ठोऊड़ा नृत्य और बिरूड़ी रहेंगी आकर्षण का केंद्र
महोत्सव के संयोजक एवं अध्यक्ष कुंदन सिंह चौहान ने बताया कि चार दिवसीय आयोजन में उत्तराखंड की विभिन्न लोक परंपराओं के साथ जौनसारी, गढ़वाली, रवांई-जौनपुर, कुमाऊंनी, गोरखाली और पंजाबी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। उन्होंने बताया कि जौनसार, हिमाचल प्रदेश और सिरमौर क्षेत्र में प्रचलित पारंपरिक ठोऊड़ा नृत्य महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगा।
इसके अलावा करीब 14 फीट लंबे बांस से हाथी की आकृति तैयार कर प्रस्तुत किया जाने वाला बिरूड़ी नृत्य भी दर्शकों को आकर्षित करेगा।
रिपोर्टर राजू ठाकुर
