
सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर इलाहबादिया को बड़ी राहत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र और असम में दर्ज एफआईआर में इलाहाबादिया की गिरफ्तारी पर रोक रहेगी, बशर्ते वह जांच में शामिल हों और उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबादिया को निर्देश दिया कि वह अपना पासपोर्ट ठाणे पुलिस स्टेशन में जमा कराएं.
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबादिया की याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को एक साथ जोड़ने की मांग की गई है. बता दें कि इंडियाज गॉट लेटेंट शो में अतिथि भूमिका के दौरान उनकी अनुचित टिप्पणियों को लेकर भारत भर में कई जगहों पर उसेक खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी गयी है. कोर्ट ने कहा कि अगर किसी ने कुछ गलत किया है तो कानून को अपना काम करना चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबादिया को अंतरिम राहत देते हुए फटकार भी लगायी. जस्टिस सूर्यकांत एन के सिंह की बेंच ने कहा कि इलाहाबादिया ने जो शब्द चुने हैं, उनसे माता-पिता को शर्म आएगी और बेटियां और बहनें भी शर्मिंदा होंगी. जस्टिस कांत ने कहा कि पूरा समाज शर्मिंदा होगा. जस्टिस ने इलाहाबादिया के वकील से पूछा कि अश्लीलता और फूहड़ता के मापदंड क्या हैं?
यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया, जिन्हें बीयरबाइसेप्स के नाम से जाना जाता है, हाल ही में समय रैना के इंडियाज गॉट लैटेंट में शामिल हुए थे. इस शो में आने के बाद यूट्यूबर मुश्किल में पड़ गए हैं. 31 साल के रणवीर ने शो में आए एक कंटेस्टेंट से ऐसे सवाल किए, जिससे सुनकर हर कोई दंग हैं. रणवीर कंटेंस्टेंट से पेरेंट्स को लेकर आपत्तिजनक और अश्लील सवाल पूछा था. इस सवाल के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जबरदस्त आलोचना हो रही है. लोग उन्हें वल्गर और क्षुब्ध इंसान कह रहे हैं.