कैंची धाम में श्रद्धालु पहले बिना किसी पंजीकरण के सीधे पहुंचकर दर्शन कर लेते थे। प्रशासन भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चारधाम यात्रा की तर्ज पर प्री-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू करने की तैयारी में जुट गया है।
बाबा के दरबार तक पहुंचने से पहले ही श्रद्धालु को यह बताना पड़ सकता है कि वह किस दिन कैंची धाम आएगा। प्रशासन का मकसद श्रद्धालुओं की आस्था पर रोक लगाना नहीं, बल्कि एक सीमित क्षमता वाले पहाड़ी क्षेत्र में बढ़ते दबाव को व्यवस्थित करना है। हाल के दिनों में कैंची धाम में उमड़ी भीड़ ने नैनीताल और अल्मोड़ा जिले के बीच चलने वाले यातायात को भी प्रभावित किया है।
जाम के कारण हाईवे पर आवाजाही करने वाले यात्रियों व पर्यटकों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ा। शनिवार के लिए यातायात प्लान जारी होने के बाद हाईवे पर सन्नाटा पसरा रहा। भवाली से शटल सेवा के जरिए श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचे।
श्रद्धालुओं के कैंची धाम से ही वापस लौट जाने से गरमपानी, खैरना, पातली भुजान, रातीघाट समेत तमाम बाजारों में सुनसानी रही। व्यापारी नेता मनीष तिवारी ने लगातार चौपट हो रहे व्यवसाय पर चिंता व्यक्त कर कहा कि व्यापारियों की आर्थिक स्थिति बिगड़ते जा रही है।
