पौड़ी जिला अस्पताल में मोबाइल की रोशनी में इलाज, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

सूबे में सरकारी अस्पतालों के क्या हाल हैं? उसका एक नमूना पौड़ी जिला अस्पताल में देखने को मिला. जहां रात के समय मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में मरीजों का उपचार होता नजर आया. जो स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के दावों पर सीधे सवाल खड़े कर रहा है. उधर, वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है.

दरअसल, पौड़ी जिला अस्पताल पौड़ी से एक वीडियो सामने आया है, जहां बिजली गुल होने के बाद अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में मरीजों का उपचार करते हुए नजर आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि बीती शुक्रवार की शाम ग्रिड फेल होने से करीब एक घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही.

इसी दौरान डॉक्टरों को आकस्मिक विभाग में मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में मरीजों का उपचार करना पड़ा. अस्पताल में जनरेटर उपलब्ध होने के बावजूद उसे संचालित नहीं किया जा सका. बताया जा रहा कि जनरेटर में डीजल न होने और तकनीकी खराबी के कारण बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी. इस दौरान अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी.

वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल पौड़ी न केवल शहर बल्कि, आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी उपचार का प्रमुख केंद्र है. ऐसे में यदि यहां बिजली या बैकअप की समुचित व्यवस्था नहीं है तो ग्रामीण अस्पतालों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है.

वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री पौड़ी जिले से होने के बावजूद यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था बेहद दयनीय बनी हुई है. यदि जिला अस्पताल का यह हाल है तो दूरस्थ क्षेत्रों के अस्पतालों की स्थिति क्या होगी? इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है. बता दें कि यह अस्पताल एक जनवरी से सरकारी सेवाओं में वापस आ गया था. इससे पहले इसे पीपीपी मोड पर संचालित किया जा रहा था.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *