दो रावतों की लड़ाई है, वही जानें क्या सही और क्या गलत, बोले कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह

उत्तराखंड में डेनिस प्रकरण में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत का बयान सामने आने के बाद कांग्रेस में एक बार फिर हलचल है। अब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा है कि यह दो रावतों के बीच की लड़ाई है, वहीं बता पाएंगे, क्या सही और क्या गलत है।

मीडिया से बातचीत में प्रीतम ने कहा कि डेनिस प्रकरण को उठाने का अब कोई मतलब नहीं है। पूर्व मंत्री हरक सिंह यदि ऐसा कह रहे हैं, उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी, तो यह गलत है। उस वक्त डेनिस शराब को मंडी परिषद के माध्यम से बेचे जाने का निर्णय कैबिनेट में लिया गया था।

प्रीतम ने कहा कि जब भी कैबिनेट में कोई निर्णय लिया जाता है, तो वह सामूहिक होता है। हरक ने वर्ष 2016 में सरकार गिराने का काम किया, उन्होंने ऐसा क्यों किया, यह भी वही बता सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह न तो हरक का बचाव कर रहे हैं और न ही हरीश रावत का।

बता दें कि दो दिन पहले हरक ने एक बयान में कहा था कि डेनिस शराब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत लेकर आए थे और बदनाम वह हुए,जबकि उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं थी।

तब पता नहीं था इतना गड़बड़ है मामला…

इधर, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि डेनिस को लेकर जब तत्कालीन कैबिनेट में प्रस्ताव आया था, तब नहीं पता था ये मामला इतना गड़बड़ है। जब मार्केट में ‘हरदा ब्रांड’ की चर्चा जोरों पर होने लगी, तब पता चला कि इससे बदनामी हो रही है। बकौल हरक, मैंने उस वक्त तत्कालीन मुख्यमंत्री से कहा था, डेनिस को मंडी परिषद से हटा दो, उन्होंने रात में कहा-हटा देंगे और सुबह मुकर गए। उस वक्त कृषि मंत्री होने के नाते मंडी परिषद भी मेरे ही मंत्रालय के अंतर्गत आती थी।

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