शिक्षा सचिव और निदेशक पर 12 सितंबर को आरोप तय करेगा नैनीताल हाईकोर्ट, जानिए क्या है मामला

वित्तीय लाभ देने के आदेश की अवमानना मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने विद्यालयी शिक्षा सचिव और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक पर आरोप तय करने के लिए 12 सितंबर की तिथि नियत की है। कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को अगली सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने को कहा है। मामले की सुनवाई गुरुवार को वरिष्ठ न्यायधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में हुई।

मामले के अनुसार, प्रारंभिक शिक्षा के कार्मिकों नवीन पाठक, त्रिभुवन कोहली एवं अन्य याचिकाकर्ताओं ने एक याचिका उच्च न्यायालय में दायर की है। इसमें कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद में की गई सेवा को जोड़ते हुए उन्हें एसीपी का लाभ दिया जाए। वर्ष 2019 में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला देते हुए राज्य सरकार को एसीपी का लाभ देने का आदेश सरकार को दिया था। इस फैसले को सरकार ने विशेष अपील के जरिए हाईकोर्ट में चुनौती दी। इसे कोर्ट ने 2021 में खारिज कर दिया।

अवमानना वाद की सुनवाई में मिला था आठ सप्ताह का समय हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन न होने पर याचिकाकर्ताओं ने अवमानना वाद दायर किया। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर अवमानना वाद को निस्तारित कर दिया और आठ सप्ताह के अंदर वित्तीय लाभ देने के लिए राज्य सरकार को आदेश दिए।

याचियों ने आदेश रिकॉल करने को अर्जी लगाई

निर्धारित समय सीमा के भीतर वित्तीय लाभ नहीं मिलने पर याचिकाकर्ताओं ने अवमानना वाद में पारित आदेश को रिकॉल करने के लिए हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। हाईकोर्ट ने 11 जुलाई 2024 को प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को पूर्व में पारित आदेश का अनुपालन करने के लिए आदेश दिए।

इसके लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया। वह हाईकोर्ट में तो उपस्थित हुए लेकिन आदेश का अनुपालन नहीं किया। कोर्ट ने विद्यालयी शिक्षा सचिव और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक पर आरोप तय करने को 12 सितंबर की तारीख तय की है।

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