देहरादून स्थित पनासिया अस्पताल में गत माह हुई भीषण आग/ब्लास्ट की घटना के बाद वहां भर्ती कई मरीजों को तत्काल उपचार हेतु अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया गया था। प्रभावित मरीजों के परिजनों का कहना है कि उस समय पनासिया अस्पताल प्रबंधन की ओर से आश्वासन दिया गया था कि मरीजों के उपचार की समुचित व्यवस्था की जाएगी तथा उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
किन्तु वर्तमान में स्थिति अत्यंत चिंताजनक बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, आग की घटना के बाद कैलाश अस्पताल में भर्ती एक गंभीर मरीज को अस्पताल द्वारा डिस्चार्ज कर घर भेजने का प्रयास किया गया, जबकि परिवार का दावा है कि मरीज की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। परिवार का यह भी आरोप है कि मरीज की स्थिति को देखते हुए उसे निरंतर चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता है।
साथ ही परिजनों के अनुसार कैलाश अस्पताल द्वारा बताया गया है कि संबंधित मरीज के उपचार का बिल लगभग 21 लाख रुपये तथा अन्य प्रभावित मरीजों के उपचार का कुल बिल 70 लाख रुपये से अधिक हो चुका है। आरोप है कि अब तक इस भुगतान को लेकर कोई स्पष्ट समाधान सामने नहीं आया है तथा पनासिया अस्पताल प्रबंधन का कोई प्रतिनिधि भी इस विषय में मरीजों एवं दूसरे अस्पताल से संवाद करने नहीं पहुंचा।
ऐसी स्थिति में सबसे अधिक परेशानी उन गरीब एवं असहाय मरीजों और उनके परिवारों को उठानी पड़ रही है, जो पहले ही एक बड़ी दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। परिजनों की मांग है कि प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित अधिकारी तत्काल इस पूरे मामले का संज्ञान लें, जिम्मेदार पक्षों की जवाबदेही तय करें तथा प्रभावित मरीजों के उपचार और आर्थिक भार को लेकर स्पष्ट एवं न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करें।
अतः आपसे अनुरोध है कि जनहित से जुड़े इस गंभीर विषय को प्रमुखता से प्रकाशित/प्रसारित कर संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने का कष्ट करें, ताकि पीड़ित मरीजों को न्याय एवं उचित उपचार मिल सके।





