देहरादून शहर में नालियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए लोहे के चैंबर अब शरारती तत्वों के निशाने पर हैं। शहर के कई प्रमुख स्थानों से नालियों के ऊपर लगे लोहे के चैंबर उखाड़ लिए गए हैं, जिससे खुले नाले फुटपाथ पर चलने वालों के लिए हादसे का कारण बन सकते हैं।
दरअसल, नालियों के ऊपर लोहे के चैंबर इस उद्देश्य से लगाए गए हैं कि बारिश के दौरान पानी आसानी से निकल सके और जरूरत पड़ने पर सफाई कर्मचारी इन्हें खोलकर नालियों की सफाई कर सकें। लेकिन असामाजिक तत्व इन चैंबरों को उखाड़कर नगर निगम की व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
सबसे पहले जिलाधिकारी कार्यालय के गेट के बाहर से लोहे का चैंबर गायब मिला। इसके कुछ ही दूरी पर कोऑपरेटिव बैंक के बाहर भी नाली का चैंबर उखड़ा हुआ मिला। वहीं तीसरा चैंबर जिला अस्पताल चौक से एमकेपी कॉलेज की ओर जाते समय नगर निगम की दीवार के बाहर से उखाड़ लिया गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस स्थान से चैंबर उखाड़ा गया है, वहां पहले भी दो बार चैंबर चोरी किए जा चुके हैं। नगर निगम ने दोबारा चैंबर लगाकर उस हिस्से को बंद भी कराया, लेकिन इसके बावजूद शरारती तत्व लगातार सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
बरसात के मौसम में खुली नाली के कारण किसी राहगीर के गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में नगर निगम को इन स्थानों पर तत्काल चैंबर लगाने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था भी करनी चाहिए।
अब सवाल यह है कि आखिर बार-बार सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले इन शरारती तत्वों पर कार्रवाई कब होगी और शहर की खुली नालियों को कब सुरक्षित किया जाएगा?