देहरादून में ‘यूथ संकीर्तन’ का भव्य आयोजन, संस्कृति और युवा जागरूकता का मंच बना प्रेरक

हिमालयन कल्चर ऑडिटोरियम, गढ़ीकैंट में रितु गुजराल फाउंडेशन, उत्तराखंड एग्जाम नोट्स एवं सांख्ययोग फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से एक भव्य एवं प्रेरणादायी फाउंडेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। माननीय जस्टिस राजेश टंडन, पूर्व न्यायाधीश, उत्तराखंड हाईकोर्ट के संरक्षण में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में “यूथ संकीर्तन” नामक एक नए अध्याय का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं को भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं मूल्यों से जोड़ते हुए उन्हें जागरूक, संस्कारित और प्रेरित करना है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय कैबिनेट मंत्री खजान दास उपस्थित रहे, जबकि राष्ट्रीय युवा मोर्चा उपाध्यक्ष नेहा जोशी एवं DLSA सचिव सीमा डुंगराकोटी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ जस्टिस राजेश टंडन एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर फाउंडेशन की चेयरपर्सन एडवोकेट रितु गुजराल, ट्रेजरार धीरज गुजराल, सेक्रेटरी अलीशा गुजराल, उत्तराखंड एग्जाम नोट्स के संस्थापक सतपाल चौहान एवं सांख्ययोग फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. मुकुल शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण भजन जैमिंग सेशन रहा, जिसमें नोएडा के प्रसिद्ध अभिषेक राय ग्रुप एवं हरिद्वार के लोकप्रिय द वजूद बैंड ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से पूरे सभागार को भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित हजारों लोगों को भावविभोर कर भारतीय सांस्कृतिक चेतना से जोड़ने का कार्य किया।

इस दौरान डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी द्वारा स्थापित विशेष कैनोपी के माध्यम से हजारों लोगों को निःशुल्क विधिक सलाह एवं कानूनी जागरूकता प्रदान की गई, जिसकी सभी ने सराहना की। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायालय देहरादून के न्यायाधीशगण, वरिष्ठ अधिवक्ता, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल महानगर देहरादून की महिला मोर्चा अध्यक्ष मधु गुप्ता के साथ अन्य पदाधिकारी एवं अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक गरिमामयी बना दिया।

कार्यक्रम के संपूर्ण संचालन एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी राजेश चौहान द्वारा अत्यंत सुव्यवस्थित एवं प्रभावशाली ढंग से निभाई गई, जिसकी सभी अतिथियों एवं सहभागियों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की। सामाजिक सरोकार, सांस्कृतिक संरक्षण और युवा जागरूकता को समर्पित यह आयोजन देहरादून में एक नई प्रेरणा बनकर उभरा, जिसने “यूथ संकीर्तन” के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय मूल्यों से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त संदेश दिया।

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