जब किसी बेसमेंट में पानी भर जाएगा और उससे लोगों की मौत होगी तभी शासन प्रशासन जागेगा, जब किसी फ्लाईओवर या रोड पर एक्सीडेंट होगा तभी स्पीड ब्रेकर बनेंगे, जब किसी बस में बलात्कार होगा तभी पुलिस जागेगी सिक्योरिटी बढ़ाई जाएगी, यह सब बातें तभी उठाती है जब घटना घटित हो चुकी होती है क्या इससे पहले कोशिश नहीं की जा सकती तिलक रोड पर नल की दीवार पिछले 15 दिन पहले बरसात के पानी से बह गई है, बिल्कुल मोड पर होने के कारण 24 घंटे खासकर रात में किसी अनहोनी का खतरा बना रहता है अभी तक शासन प्रशासन या किसी नेता ने किसकी सुध नहीं ली है , श्री महाकाल सेवा समिति के अध्यक्ष रोशन राणा जी ने अपील की है मेरा संपादक महोदय से निवेदन है कि इसको प्रमुखता से छापे ताकि जल्दी कार्रवाई हो सके