पिता का हुआ देहांत तो वियोग में तड़प उठा पुत्र, अर्थी के सामने त्याग दिए प्राण

तीर्थ नगरी ऋषिकेश में एक ऐसी घटना हुई है जिससे यहां का आम जन मानस गमगीन होने के साथ ही हक्का-बक्का रह गया है. 84 साल के एक शख्स कई दिन से बीमार थे. उनका एक बड़े अस्पताल में इलाज चल रहा था. अचानक वो चल बसे. इसी दौरान एक और दुखद घटना हो गई.आज के समय में भी पुत्र ऐसे हैं जो पिता के वियोग ने प्राण तक त्याग दे रहे हैं. शायद यह सुनकर आपको यकीन नहीं हो रहा होगा, लेकिन यह सच ऋषिकेश में साबित हुआ है. यहां एक युवक ने पिता के वियोग में अपने प्राण भी त्याग दिए.

हनुमंत पुरम गंगानगर ऋषिकेश में लेन नंबर 4 निवासी वेद प्रकाश कपूर (84) का स्वास्थ्य पिछले एक माह से खराब चल रहा था. वो एम्स ऋषिकेश में भर्ती थे. उनका काफी इलाज चला, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. बुधवार को उनकी इलाज के दौरान ही मृत्यु हो गई. परिजन उनके शव को घर ले आए.

इस दुख को वेद प्रकाश कपूर का पुत्र सचिन कपूर (45) बर्दाश्त न कर सका. पिता का शव जैसे ही घर लाया गया, सचिन अचानक नीचे गिर पड़ा. देखते ही देखते उसने भी प्राण त्याग दिए. बताया जा रहा है पिछले 1 महीने से वह एम्स ऋषिकेश में अपने पिता का इलाज करवाते हुए उनकी भरपूर सेवा कर रहा था. अपने पिता की मृत्यु उसे बर्दाश्त नहीं हो सकी और वह घर पर पिता के शव के पास गिर गया. उसकी मृत्यु हो गई.
जैसे ही पिता पुत्र की एक साथ अर्थियां निकलीं माहौल बहुत गमगीन हो गया. सबकी आंखों में आंसू थे. सब यही बोल रहे थे कि सचिन, पिता के लिए श्रवण कुमार की तरह भक्ति में लीन था. वेद प्रकाश कपूर अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए. उधर सचिन कपूर का एक पुत्र है. पत्नी और पुत्र को छोड़कर सचिन इस दुनिया से चला गया. हनुमंतपुरम विकास मंच गंगा नगर ने पिता पुत्र की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया है. गंगा नगर की पार्षद संध्या बिष्ट गोयल ने कहा कि इस दुःख की घड़ी में हम सभी लोग पीड़ित परिवार के साथ हैं.

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