आम तौर पर सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित होने की बात सामने आती है, पर नैनीताल जिले में एक प्राथमिक विद्यालय की तस्वीर कुछ अलग है। यहां एक छात्र को पढ़ाने के लिए दो शिक्षक तैनात हैं।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय घुग्घू में बीते सालों में विद्यार्थियों की संख्या कम हुई है। यह संख्या कम होते-होते एक पर पहुंच गई है। यहां केवल एक विद्यार्थी है, जिसकी पढ़ाई का जिम्मा दो शिक्षकों पर है। इनमें एक प्रधानाध्यापिका हैं तो दूसरी शिक्षा मित्र। इस विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या कम क्यों हुई, यह बड़ा सवाल बना हुआ है, जबकि घुग्घू ग्राम सभा आसपास में सबसे बड़ी है, यहां 500 से अधिक की आबादी है। इस ग्राम सभा के बच्चों के लिए यही निकट का एक विद्यालय है।
गांव में विद्यालय होने के बाद भी बच्चों को दूसरी जगह जाकर प्राथमिक शिक्षा लेनी पड़ रही है। पिछले वर्ष वीडीओ ने विद्यालय का निरीक्षण किया था, इसमें विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या कम होने की बात सामने आयी थी। संचालन को लेकर आ रही दिक्कत की शिकायत डीएम से भी की गई, लेकिन स्थिति जस की तस है। – मनोज बिष्ट, निवासी घुग्घू
विद्यालय में एक शिक्षामित्र व एक अध्यापिका हैं। दोनों के बीच समन्वय की कमी लगती है। यह विद्यालय बंद होने की स्थिति में है। पूर्व में यहां से शिक्षा मित्र का तबादला दूसरे विद्यालय में भी किया गया था।