नैनीताल जिले की रहने वाली दो बहनों ने देहरादून में नौकरी के बहाने बंधक बनाकर मानसिक उत्पीड़न करने और 38,500 रुपये की ठगी का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस ने 11 नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, बीती 7 सितंबर को हल्द्वानी निवासी एक युवती (बड़ी बहन) ने नेहरू कॉलोनी थाने में एक शिकायत दर्ज कराई थी। हल्द्वानी निवासी एक युवती की छोटी बहन 15 जुलाई को देहरादून स्थित ‘न्यूविजन शॉपर्स लाइफस्टाइल प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी में नौकरी के लिए आई थी। आरोप है कि 15 जुलाई से 21 अगस्त तक उसे कंपनी में बंधक बनाकर रखा गया, तरह-तरह के झूठे लालच देकर 38,500 वसूले गए।
जब कंपनी की ओर से पैसों की मांग बढ़ी तो आरोपियों ने पीड़िता की बड़ी बहन को भी नौकरी का लालच देकर बुला लिया। उससे कहा गया कि उसे बिलिंग का काम दिया जाएगा और 20,000 मासिक वेतन मिलेगा। बड़ी बहन 18 अगस्त को देहरादून पहुंची और कंपनी की कर्मचारी किरण टम्टा और बबीता जोशी के कमरे पर रुकी। यहां पूजा नेगी नाम की महिला ने उससे किराए और रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 3000 वसूल लिए। इसके बाद उसे हर रोज सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक एक कथित क्लास में भेजा जाने लगा, जिसका असल में कोई औचित्य नहीं था।
पवन पांडे, ईश्वर पांडे, नयन टम्टा, कृष्णा टम्टा, गणेश मेहरा, प्रदीप जलाल, बबीता जोशी, किरण टम्टा, दीक्षा पांडे, शीतल अधिकारी और चंदू पांडे।
थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया युवती की ओर से बंधक बनाने, मानसिक उत्पीड़न के साथ ठगी की शिकायत मिली थी। जिसकी जांच करने पर जानकारी मिली कि इसमें बंधक बनाने के बजाय नौकरी का झांसा देकर रुपए ठगने और धमकी देने के साक्ष्य मिले हैं। इस आधार पर 11 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस अग्रिम कार्रवाई कर रही है।