केदारनाथ विधानसभा की रिक्त चल रही सीट के उपचुनाव के लिए 20 नवंबर को मतदान होगा। 23 नवंबर को मतगणना की जाएगी।22 अक्टूबर को उपचुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी। उप चुनाव के दृष्टिगत रुद्रप्रयाग जिले में चुनाव आचार संहिता प्रभावी हो गई है। इस उपचुनाव में 90,450 मतदाता अपनी विधानसभा के लिए प्रतिनिधि चुनेंगे।अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा विजय कुमार जोगदंडे ने मंगलवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में यह जानकारी दी।
173 पोलिंग बूथ
- 20 नवंबर को मतदान होगा।
- 23 नवंबर को मतगणना की जाएगी।
- नामांकन की अंतिम तिथि 29 अक्टूबर रखी गई है।
- 30 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी।
- चार नवंबर को नाम वापसी की अंतिम तिथि है।
- केदारनाथ विधानसभा के लिए 173 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें से सात पोलिंग बूथ पर मतदान पार्टियों को दो दिन पहले रवाना कर दिया जाएगा।
- उप चुनाव के दृष्टिगत केदारनाथ विधानसभा को दो जोन और 27 सेक्टर में बांटा गया है। इसमें 10 स्टेटिक सर्विलांस टीम तीन शिफ्ट में निगरानी रखेंगी।
- चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए आठ उडऩ दस्तों की तैनाती की गई है।
- दो वीडियो टीम क्षेत्र में निरंतर निगरानी रखेंगी। उपचुनाव के लिए एक आरओ और तीन एआरओ की तैनाती की जा चुकी है।
- विधानभा में 44,765 पुरुष एवं 45,775 महिला मतदाता हैं। इनमें 1092 दिव्यांग हैं, 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 641 हैं।
- दिव्यांग एवं 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं के लिए घर से मतदान की सुविधा देने के लिए फार्म 12 का वितरण शुरू कर दिया गया है।
इस दौरान उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी मुक्ता मिश्र, केएस नेगी व सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तूदास भी उपस्थित थे।
केदारनाथ के लिए पर्यवेक्षक दल में गणेश गोदियाल को स्थान
देहरादून: प्रदेश में रिक्त चल रही केदारनाथ विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तिथि तय होते ही राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने उपचुनाव के लिए चार दिन पहले गठित दो सदस्यीय पर्यवेक्षक दल में संशोधन किया है। यह दल अब चार सदस्यीय हो गया है।
वरिष्ठ पर्यवेक्षक के रूप में पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य गणेश गोदियाल और सदस्य के रूप में समीपस्थ बदरीनाथ सीट से विधायक लखपत सिंह बुटोला को इसमें स्थान दिया गया है। गोदियाल को पर्यवेक्षक बनाकर पार्टी ने उपचुनाव को धारदार बनाने की अपनी रणनीति को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है।
कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने मंगलवार को चार सदस्यीय पर्यवेक्षक दल की घोषणा की। इससे पहले गत 11 अक्टूबर को उन्होंने केदारनाथ उपचुनाव के लिए दो सदस्यीय पर्यवेक्षक दल गठित किया था। इस दल में विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और हरिद्वार जिले की झबरेड़ा सीट से विधायक वीरेंद्र जाति को सम्मिलित किया गया है।
दोनों पर्यवेक्षक मैदानी जिलों से संबंध रखते हैं। पर्वतीय क्षेत्र से किसी को पर्यवेक्षक नहीं बनाया गया था। अब पार्टी ने पर्यवेक्षक दल का आकार बढ़ा दिया। इसमें गढ़वाल संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रहे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को बतौर वरिष्ठ पर्यवेक्षक सम्मिलित किया गया है।
प्रत्याशी चयन में स्थानीय समीकरणों पर पूरा जोर
गणेश गोदियाल ने गत जुलाई माह में हुए बदरीनाथ विधानसभा सीट पर उपचुनाव में भी पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में सघन प्रचार किया था। बदरीनाथ उपचुनाव में जीत मिलने से पर्वतीय क्षेत्रों विशेषकर गढ़वाल क्षेत्र में कांग्रेस को नया संबल मिला है।
उपचुनाव में केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशी के चयन और पार्टी की जीत के लिए वातावरण तैयार करने में पर्यवेक्षक दल की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पर्यवेक्षक दल में गोदियाल के साथ बदरीनाथ विधायक लखपत सिंह बुटोला को सम्मिलित करने से यह भी स्पष्ट हो गया है कि पार्टी प्रत्याशी चयन में स्थानीय समीकरणों का पूरा ध्यान रखने जा रही है। गणेश गोदियाल इस क्षेत्र में कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार में पहले से जुटे हुए हैं। बतौर पर्यवेक्षक उनके फीडबैक को पार्टी महत्व दे सकती है।
केदारनाथ को लेकर कांग्रेस सतर्क
केदारनाथ उपचुनाव को लेकर कांग्रेस अत्यंत सतर्कता बरत रही है। केदारनाथ धाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की साधना स्थली रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी बाबा केदारनाथ में अगाध आस्था का प्रदर्शन करने से कभी गुरेज नहीं किया। वर्ष 2013 में आपदा से तहस-नहस हुए केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी की प्राथमिकता में रहा है।
कांग्रेस केदारनाथ सीट पर विजय प्राप्त कर भाजपा और मोदी के हिंदुत्व के एजेंडे को चुनौती देना चाहती है। बदरीनाथ धाम से संबंधित बदरीनाथ विधानसभा सीट पर उपचुनाव में विजय को कांग्रेस ने पूरे देश में कुछ इसी प्रकार प्रस्तुत किया। केदारनाथ में भी मुख्य विपक्षी पार्टी बदरीनाथ की भांति जीत का परचम लहराने के लिए पूरी शक्ति झोंके हुए है।