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झंडेजी के लिए दर्शनी गिलाफ वर्ष 2132 व शनील गिलाफ 2049 तक बुक, दुनियाभर से पहुंचेंगे भक्‍त; यह रहेगा कार्यक्रम - Goonj Kesari

झंडेजी के लिए दर्शनी गिलाफ वर्ष 2132 व शनील गिलाफ 2049 तक बुक, दुनियाभर से पहुंचेंगे भक्‍त; यह रहेगा कार्यक्रम

प्रेम, सद्भाव, आस्था का प्रतीक देहरादून का ऐतिहासिक झंडा मेला पंचमी के दिन झंडेजी के आरोहण के साथ 30 मार्च से शुरू होने जा रहा है। इसके लिए श्री गुरु राम राय दरबार साहिब में इन दिनों तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार ग्राम अहराणा कलां, जिला होशियारपुर (पंजाब) के हरभजन सिंह को दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का सौभाग्य मिलेगा।करीब 35 वर्ष पूर्व झंडेजी के आरोहण में शामिल होने के लिए आए हरभजन सिंह ने दर्शनी गिलाफ बुकिंग की थी। वहीं, दर्शनी गिलाफ की बुकिंग वर्ष 2132 तक के लिए हो चुकी है। अंतिम बुकिंग बीते वर्ष 17 नवंबर को हुई थी। जिन्हें दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का मौका 108 वर्ष बाद मिलेगा। इसके अलावा वर्ष 2049 तक शनील गिलाफ चढ़ाने के लिए पांच लोगों ने बुकिंग कराई है। अंतिम बुकिंग 20 फरवरी को गई, जो 25 वर्ष के बाद शनील गिलाफ चढ़ाएंगे।

गुरु महाराज की कृपा से मिला दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का मौका : हरभजन सिंह

इस बार झंडेजी में ग्राम अहराणा कलां जिला होशियारपुर (पंजाब) के किसान हरभजन सिंह दर्शनी गिलाफ चढ़ाएंगे। दैनिक जागरण से बातचीत में हरभजन सिंह ने बताया कि करीब 35 वर्ष पहले वह पत्नी निर्मल कौर के साथ झंडेजी के आरोहण में शामिल होने के लिए आए थे। तभी उन्होंने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए दर्शनी गिलाफ की बुकिंग की थी।

गुरु महाराज की कृपा है कि बुकिंग करने के बाद उनका नंबर बहुत जल्दी आया है। हरभजन सिंह ने बताया कि उनके तीन बेटों में सबसे बड़े बेटे सुरेंद्र सिंह (19) का वर्ष 2005 के दौरान दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके अलावा उनकी पत्नी निर्मल कौर का वर्ष 2018 में निधन हो गया। अब दोनों जुड़वां बेटे सुखदेव सिंह व प्रदीप सिंह उनके साथ खेती में हाथ बंटाते हैं।

सजने लगा श्री गुरु राम राय दरबार दरबार साहिब

दरबार साहिब को रंग-विरंगी लाइटों से सजाने, रंग रोगन के साथ विभिन्न पेंटिंग करने, परिसर में दुकानों के साथ ही विभिन्न झूले लगाने की तैयारी चल रही है। दरबार साहिब की दीवारों पर ऐतिहासिक भित्ति चित्र मौजूद हैं। इन भित्ति चित्रों को पानी, धूल, प्रदूषण, धूप व मौसम की मार से बचाने के लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। संगतों के ठहरने की व्यवस्था के अलावा स्वागत की तैयारियां चल रही हैं।

सहसपुर में अराईयांवाला की पैदल संगत का भव्य स्वागत

दून के ऐतिहासिक झंडा मेले के धार्मिक आयोजन शुरू हो चुके हैं। हरियाणा के अराईयांवाला से गुरुवार को पैदल संगत सहसपुर के श्री गुरु राम राय इंटर कालेज पहुंची। जहां उनका दरबार पदाधिकारियों ने स्वागत किया। आज संगत के दरबार साहिब में आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा।

सुबह सहसपुर पहुंचने पर पैदल संगत का स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने गुरु महाराज के जयकारे लगाए। आज पैदल संगत प्राथमिक विद्यालय कांवली होते हुए श्री गुरु राम राय दरबार साहिब पहुंचेगी। दरबार साहिब के सज्जादा गद्दीनशीन श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज की अगुआई में दर्शनी गेट पर परंपरानुसार पैदल संगत का स्वागत किया जाएगा। इसके साथ ही संगत के दरबार साहिब पहुंचने का सिलसिला शुरू होगा।

यह रहेगा कार्यक्रम

  • 27 मार्च को दरबार साहिब परिसर में गिलाफ सिलाई, जबकि 29 को पूर्वी संगत की विदाई होगी।
  • 30 मार्च की सुबह आठ से नौ बजे के बीच झंडेजी को उतारने का कार्यक्रम।
  • सुबह 10 बजे से गिलाफ चढ़ाने की प्रक्रिया।
  • शाम को पांच बजे झंडेजी के आरोहण के साथ 17 अप्रैल (रामनवमी) तक चलने वाला मेला भी शुरू हो जाएगा।
  • एक अप्रैल को नगर परिक्रमा होगी। ध्वजदंड की लंबाई 86 फीट जबकि मोटाई 30 इंच है।

झंडेजी पर तीन तरह के चढ़ते हैं गिलाफ

झंडेजी में तीन तरह के गिलाफ का आवरण होता है। सबसे भीतरी भाग पर 41 सादे गिलाफ, मध्य भाग में 21 शनील के गिलाफ, जबकि सबसे बाहरी भाग में एक दर्शनी गिलाफ चढ़ाया जाता है। दर्शनी व शनील गिलाफ चढ़ाने के लिए बुकिंग की भीड़ रहती है।

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