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फेडरेशन द्वारा खुदरा व्यापारियों के तमाम मुद्दों को लेकर केन्द्रीय मंत्री कॉमर्स एवं इंडस्ट्रीज़ व कानून एवं न्याय मंत्री से दिल्ली में वार्ता - Goonj Kesari

फेडरेशन द्वारा खुदरा व्यापारियों के तमाम मुद्दों को लेकर केन्द्रीय मंत्री कॉमर्स एवं इंडस्ट्रीज़ व कानून एवं न्याय मंत्री से दिल्ली में वार्ता

फेडरेशन द्वारा खुदरा व्यापारियों के तमाम मुद्दों को लेकर केन्द्रीय मंत्री कॉमर्स एवं इंडस्ट्रीज़ व कानून एवं न्याय मंत्री से दिल्ली में वार्ता : श्री राजेश्वर प्रसाद पैन्यूली, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के राष्ट्रीय प्रवक्ता व कोषाध्यक्ष

महत्वपूर्ण निर्णय
• आलाइन घराने एकाएक अपना कारोबार नहीं कर सकेगे बंद
• खुदरा व्यापारियों को कार्मचारी बीमा निगम (ESI) की सुविधा अंतर्गत लाया जाए
• ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कामर्स (ONDC) और गवर्मेंट ई मार्केट प्लेस (GeM) आपसी सहयोग से खुदरा कारोबररियों को एक वर्ष के लिए सहयोग करेंगे

श्री राजेश्वर प्रसाद पैन्यूली, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के राष्ट्रीय प्रवक्ता व कोषाध्यक्ष ने जानकारी देते हुवे बताया की “फेडरेशन” के राष्ट्रीय शीर्ष पदाधिकारी पूर्णकालिक राष्ट्रीय प्रेसीडेंट श्री सुशील पोद्दार जी व राष्ट्रीय महासचिव श्री आर के गौड़ जी के नेतृत्व में फेडरैशन के पदाधिकारिओ के एक दल की माननीय केन्द्रीय मंत्री वाणिज्य एवं उद्योग श्री पीयूष गोयल जी के साथ व इसी क्रम में कानून एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल जी के साथ मिलकर व्यापारियों की समस्यायों से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई |

आज की बैठक के दौरान मुख्यत निम्न विषयों पर गंभीर चर्चा के साथ ही विस्तृत सुझाव पत्र को केन्द्रीय मंत्री वाणिज्य एवं उद्योग श्री पीयूष गोयल जी महोदय को सौपा गया।
समझौते की अनिश्चित अवधि और नवीनीकरण तंत्र का कम लचीलापन।
तय शर्तों का अनुचित तरीकों से समाप्ति निवेश पर उचित रिटर्न प्राप्त करने के लिए डीलरों को समर्थन की कमी व क्षतिपूर्ति प्रावधानों में स्पष्टता का अभाव, व्यापारिक निर्णय लेने में डीलरों के पास लचीलेपन की कमी
चेक बाउंस के मामलों मे तेजी से निर्णय की जरूरत।
औद्योगिक वास्तविकता को देखते हुए बी.आई.एस. अधिसूचित सामग्री की समय सीमा पर तत्काल विचार और व्यावहारिक विस्तार
ONDC और GeM की सहयोगी भूमिका।

इस चर्चा के दौरान “फेडरेशन” के पदाधिकारियों की ओर से अलग अलग सेक्टर के व्यापारियों की समस्याओं की घातकता (इम्पैक्ट) के साथ ही समाधान (सोल्यूशंस) भी सुझाया गया इस दौरान मुख्यत निम्न बिन्दु पर विचार रखे गए जिससे की खुदरा व्यापारियों की विरासत को संरक्षित व संवर्धित किया जा सके |जैसे की ई-कॉमर्स विशेषकर ऑन लाइन मार्केटिंग से जुड़ी तमाम संमस्याये जो अंततः खुदरा व्यापारियों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है को विस्तार से संबोधित करते हुवे उन पर विचार करनेका आग्रह किया है|

जिससे कारोबारी समृद्धि को टर्न ओवर मे बढ़ोतरी के साथ ही परंपरागत व्यावसायिक ज्ञान को भावी पीढ़ी तक भी हस्तांतरित किया जा सके|

साथ ही लघु कारोबरियों के हितों को संरक्षित करने के लिए यह भी तय किया गया की खुदरा व्यापार के लिए ऐसे कानून बनाए जाएंग जिससे की आलाइन या बड़े कॉर्पोरेट घराने एकाएक अपना कारोबार न बंद कर सके | और ऐसी स्थिति आने पर खुदरा व्यापरियों को कम से कम तीन महीने पहले सूचित करे जिससे खुदरा व्यापारी अपने ऑफलाइन उपभोक्ताओ के हित में आवश्यक इंतजाम कर सके |

इसके साथ ही बातचीत में छोटे खुदरा व्यापारियों के लिए ही कार्मचारी बीमा निगम (ESI) की सुविधा अंतर्गत लाया जाए | जिसमे उनसे कम से कम शुल्क लेकर हेल्थ इन्श्योरेन्स व स्वास्थ्य सुविधा दी जा सके |

ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कामर्स (ONDC) और गवर्मेंट ई मार्केट प्लेस (GeM) आपसी सहयोग से खुदरा कारोबररियों को एक वर्ष के लिए तेजी से बढ़ रहे आनलाइन व्यापार के साथ काम कर सकने के लिए सभी जरूरी सहयोग करेगी | गवर्मेंट ई मार्केट प्लेस (GeM) के प्रतिनिधिओ ने मंत्री जी के समक्ष विश्वास दिलाया की GeM पॉयलेट बैसिस पर जल्द ही प्रोजेक्ट शुरू कर देगी जिसमे के सभी खुदरा व्यापरिओ को एक साल के लिये सपोर्ट उपलब्ध रहेगा |

अपने सुझाव पत्र में फेडरेशन ने मजबूत नियामक निकाय के साथ ही आनलाइन क्रेताओ- विक्रेताओं के लिए जी.एस.टी. को लागू करने के मानकों में तर्क सहित सुधार की मांग की गई है साथ ही खुदरा व्यापारियों को समर्थन देने के लिए सभी ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स को “विलासिता कर” के दायरे में लाने की वकालत की गई है |उपभोक्ताओं के संरक्षण के लिए नीतियों और कानून के प्रावधानों को डेटा संरक्षण (व्यतिगत जानकारी) के साथ ही भरोसेमंद ऑनलाइन माध्यमों की पहचान को भी बढ़वा देना होगा इसी प्रकार “डीलर और वितरकों” को दी जानी वाली कमीशन राशि के साथ ही बिक्री मूल्य में (अनलाइन व ऑफलाइन दोनो में ही) भी एकरूपता के लिए विभाग के दखल की वकालत के साथ ही इससे जुड़े नियमों में तर्क सहित सुधार के सुझाव फेडरैशन की और से दिये गए |

माननीय केन्द्रीय मंत्री वाणिज्य एवं उद्योग श्री पीयूष गोयल जी ने यह माना की कई सुधारों के लिए हमे कानून मंत्रालय के साथ मिलकर उपभोक्ताओं के हित में काम करना होगा | इस संबंध में  कानून एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल जी के साथ एक मीटिंग का प्रबंध भी किया गया | इस दौरन बातचीत का प्रमुख मुद्दा 138 के केस में चेक बाउंस के मामले के संबंध में सर्वोच्च निकाय की मध्यस्थता समिति के अधिकार क्षेत्र को एक बार फिर से परिभाषित किए जाने के बारे में भी इस बैठक में विस्तृत बातचीत हुयी |

माननीय केन्द्रीय मंत्री वाणिज्य एवं उद्योग श्री पीयूष गोयल जी के साथ व श्री मेघवल जी के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठको में राष्ट्रीय प्रेसीडेंट श्री सुशील पोद्दार जी व राष्ट्रीय महासचिव श्री आर के गौड़ जी, श्री राजेश्वर प्रसाद पैन्यूली, राष्ट्रीय प्रवक्ता व कोषाध्यक्ष, श्री भूपेन्द्र सिंह जी सोबती राष्ट्रीय उप-महासचिव, श्री सी एच कृष्णा वॉयस चेयरमैन जितेंद्र भाई वाइस प्रेसीडेंट और वरिष्ठ सहयोगी श्री सतीश जी और उत्तराखंड के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष श्री पंकज मैसोन जी भी फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल की तरफ से उपस्थित रहे|

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