देहरादून नगर निगम के पर्यावरण मित्रों (सफाई कर्मचारियों) ने अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर तीन दिवसीय धरना शुरू कर दिया है। सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष खेरवाल का कहना है कि पिछले चार महीनों से लगातार ज्ञापन देने और अधिकारियों से वार्ता करने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे नाराज कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और तेज करते हुए सचिवालय का घेराव किया जाएगा।
धरने के दौरान अध्यक्ष खेरवाल ने सरकार और नगर निगम प्रशासन से लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। उनका कहना है कि लगातार बढ़ते कार्यभार के बावजूद सफाई कर्मचारियों को पर्याप्त सुविधाएं और उचित मानदेय नहीं मिल रहा है।
मुख्य मांगें
1-पर्यावरण मित्रों के मानदेय में ₹800 प्रतिमाह की वृद्धि की जाए।
2-715 नए सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
3-भर्ती के लिए निर्धारित कट-ऑफ वर्ष 2008–2018 के स्थान पर 2024 किया जाए।
4-सफाई कर्मचारियों के लिए अलग “सफाई कर्मचारी कैडर” का गठन किया जाए।
5-अन्य लंबित सेवा संबंधी मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए।
6-कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष खेरवाल का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर सचिवालय का घेराव कर सरकार के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा।
धरने के चलते शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है। यदि आंदोलन लंबा खिंचता है तो कचरा उठान व्यवस्था पर इसका असर पड़ सकता है, जिससे आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।