राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार से सम्मानित हुए उत्तराखंड के मुशाहिद अली, ऑपेशन में 3 नक्सलियों को किया था ढेर

उत्तराखंड के उधम सिंह नगर के खटीमा निवासी सीआरपीएफ जवान मुशाहिद अली ने उत्तराखंड का नाम रोशन किया है. उन्होंने बिहार-औरंगाबाद बॉर्डर के चकरबंदा क्षेत्र में चलाए गए ‘सर्च एंड डिस्ट्रॉय ऑपरेशन (शैडो)’ के दौरान तीन नक्सलियों को मार गिराया था. उनकी इस वीरता और साहस को लेकर उन्हें राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार से नवाजा गया है. सीआरपीएफ जवान मुशाहिद अली ने राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त कर प्रदेश का का नाम रोशन किया है.

उधम सिंह नगर जिले के सीमांत क्षेत्र खटीमा के इस्लामनगर निवासी सीआरपीएफ जवान मुशाहिद अली ने प्रदेश का नाम रोशन किया है. उन्हें प्रतिष्ठित राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जिससे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है. मुशाहिद अली वर्ष 2014 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में दिल्ली से भर्ती हुए थे. सेवा के दौरान उन्होंने देश के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारी निभाई और वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके में तैनात हैं.

उन्होंने बताया कि जुलाई 2019 में बिहार-औरंगाबाद बॉर्डर के चकरबंदा क्षेत्र में चलाए गए ‘सर्च एंड डिस्ट्रॉय ऑपरेशन (शैडो)’ के दौरान, जब वे कोबरा कमांडो में तैनात थे, तब 25 जुलाई 2019 को हुई मुठभेड़ में उन्होंने तीन नक्सलियों को मार गिराया था. इसी अदम्य साहस और वीरता के लिए उनका नाम राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार के लिए प्रस्तावित किया गया.

इस सम्मान की घोषणा गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2025 को की गई थी. बाद में 9 अप्रैल 2026 को दिल्ली में आयोजित ‘शौर्य दिवस’ कार्यक्रम में सीआरपीएफ के डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह द्वारा उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया. इस मौके पर कुल सात जवानों को वीरता पुरस्कार से नवाजा गया. मुशाहिद अली की इस उपलब्धि पर उनके परिवार, मित्रों और पूरे मोहल्ले में गर्व और खुशी का माहौल है. उनकी बहादुरी युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही.

Also read this news: उत्तराखंड पुलिस में बड़ा फेरबदल: 10 अधिकारी बने CO, प्रमोशन और तबादले जारी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *