पर्यटन नगरी मसूरी में देर रात दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया. मामूली कहासुनी के बाद मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हो गई. घटना में कई लोगों के चोटिल होने की सूचना है. विवाद के बाद पूरी रात कोतवाली परिसर में भारी हंगामा चलता रहा और माहौल तनावपूर्ण बना रहा.
सुबह होते ही वाल्मीकि समाज और नगर पालिका के सफाई कर्मचारी बड़ी संख्या में मसूरी कोतवाली पहुंच गए. कर्मचारियों और समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग लगातार उन्हें निशाना बना रहे हैं और जातिसूचक टिप्पणियां कर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. आक्रोशित सफाई कर्मचारियों ने कुछ समय के लिए कार्य बहिष्कार भी किया, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होती नजर आई. कर्मचारियों का कहना था कि लगातार हो रही घटनाओं के कारण उनमें भय और असुरक्षा का माहौल है.
उन्होंने आरोप लगाया कि रात के समय नशे में धुत कुछ युवक टैक्सी चालकों के साथ मिलकर बेवजह विवाद खड़ा करते हैं और पालिका कर्मचारियों के साथ अभद्रता करते हैं. कर्मचारियों ने बताया कि हाल ही में नगर पालिका के बैरियर पर तैनात कर्मचारियों के साथ भी मारपीट की घटना हुई थी, लेकिन आरोपितों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई. मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन सहित पालिका प्रशासन मौके पर पहुंचे. पालिका अध्यक्ष ने कर्मचारियों को समझाते हुए कहा कि नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह उनके साथ खड़ा है.
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी कर्मचारी के साथ अभद्रता, गाली-गलौज या जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया है तो दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.पालिका प्रशासन ने मसूरी कोतवाल से तत्काल आरोपित युवकों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की. इस दौरान कोतवाली परिसर में काफी देर तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन चलता रहा.
वहीं सफाई कर्मचारियों और वाल्मीकि समाज के लोगों में घटना को लेकर खासा आक्रोश देखा गया. उनका कहना था कि कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर मसूरी के शांत माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं. यदि समय रहते ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो शहर का माहौल खराब हो सकता है. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सभासद सचिन गुहेर ने भी विरोध दर्ज कराया. उन्होंने झूलाघर क्षेत्र में कुछ समय के लिए धरना देकर प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. सभासद ने कहा कि नगर पालिका कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और किसी भी कर्मचारी के साथ मारपीट या दुर्व्यवहार सहन नहीं किया जाएगा.