भारतीय शूटिंग टीम के कोच जसपाल राणा का निधन, पीएम ने जताया शोक

देश की राजधानी से एक बहुत बुरी खबर आ रही है. पूर्व अंतरराष्ट्रीय शूटर जसपाल राणा का निधन हो गया है. बताया जा रहा है कि उत्तराखंड के मूल निवासी जसपाल राणा ने आज सुबह मैक्स साकेत अस्पताल में अंतिम सांस ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम धामी ने उनके निधन पर शोक जताया है. जसपाल राणा अपने समय के जाने माने शूटर थे. वो एशियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट रहे थे. उन्होंने डबल ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर को भी कोचिंग दी.

जसपाल राणा के निधन की खबर से भारतीय खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. बताया जा रहा है कि जसपाल राणा म्यूनिख से भारत वापस लौट रहे थे. वापसी के दौरान ही उन्हें असहज महसूस हो रहा था. दरअसल जसपाल राणा आईएसएफ वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने गई भारतीय शूटिंग टीम के हाई परफॉर्मेंस कोच के रूप में वहां गए थे. आईएसएफ वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम के साथ जसपाल राणा भी म्यूनिख से नई दिल्ली वापस लौट रहे थे.

म्यूनिख से नई दिल्ली लौटते समय विमान में ही जसपाल राणा को असहज महसूस हुआ. फ्लाइट के दिल्ली लैंड करने के बाद भी जसपाल राणा की स्वास्थ्य असहजता कम नहीं हुई तो उन्हें एयरपोर्ट से सीधे साकेत के मैक्स हॉस्पिटल ले जाया गया. मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने जसपाल राणा का उपचार किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका और आज शुक्रवार सुबह उनका निधन हो गया.

जसपाल राणा बहुत प्रतिभाशाली शूटर थे. उन्हें मात्र 18 वर्ष की आयु में अर्जुन पुरस्कार (1994) और पद्म श्री (1997) से सम्मानित किया गया था. उन्हें मदर टेरेसा द्वारा राष्ट्रीय नागरिक पुरस्कार भी प्रदान किया गया था. खेल के बाद, वे उत्तराखंड की राजनीति में भी सक्रिय रहे. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया.

जसपाल राणा ने देहरादून में जसपाल राणा शिक्षा एवं प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना की, जो शारीरिक शिक्षा और खेल के क्षेत्र में युवाओं को प्रशिक्षित करता है. खेल में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें राज्य के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, उत्तराखंड गौरव सम्मान से भी नवाजा गया था.

राष्ट्रमंडल खेलों में जमाई थी बादशाहत: वे राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) के इतिहास में भारत के सबसे सफल निशानेबाजों में से एक रहे. उन्होंने 1994, 1998, 2002 और 2006 के संस्करणों में कुल 15 पदक (9 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य) जीते थे.

एशियाई खेलों में किया था स्वर्णिम प्रदर्शन: उन्होंने एशियाई खेलों में कुल 4 स्वर्ण पदक जीते. 2006 के दोहा एशियाई खेलों में उन्होंने 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल स्पर्धा में 590 अंकों के साथ विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की थी.

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