तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित चार धामों में पल-पल बदलते तापमान में खुद को ढालना चुनौती से कम नहीं है। मौसम के अनुकूल यात्रियों को खुद को ठंड से बचाना जरूरी है।तीर्थयात्री अपने साथ पर्याप्त गर्म कपड़े लेकर चलें। ऐसा इसलिए क्योंकि मैदान की अपेक्षा पहाड़ों में तापमान काफी कम है। स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि चारधाम से लौटकर आ रहे तीर्थयात्रियों की तबीयत बिगड़ रही है।बीमार होने के ज्यादातर मामलों में ठंड लगना सामने आया है। 60 प्रतिशत यात्रियों में खांसी, जुकाम और बुखार के लक्षण मिले हैं। माना जा रहा है कि मैदानी राज्यों के तीर्थ यात्री ठंड में खुद को ढाल नहीं पा रहे हैं। ऐसे में थोड़े से प्रयास से यात्रा को आरामदायक बना सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग भी यात्रियों से ठंड से बचने के लिए सजगता बरतने की अपील कर रहा है।