प्रतिष्ठित विद्यालयों में शामिल दून स्कूल में अब होनहार बच्चे निशुल्क पढ़ाई कर सकेंगे। इस स्कूल में प्रवेश मिलना आसान नहीं होता, लेकिन अब ये मौका आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को भी मिलेगा। छात्रों को दून स्कूल में पढ़ने के लिए पहले आवेदन करना होगा और फिर दून स्कूल स्कॉलरशिप की लिखित परीक्षा पास कर साक्षात्कार से गुजरना होगा।
सातवीं कक्षा में प्रवेश के लिए उम्मीदवार की आयु 30 सितंबर 2024 तक 11-12 वर्ष होनी चाहिए। आठवीं कक्षा के लिए छात्र की आयु 30 सितंबर 2024 तक 12-13 वर्ष की होनी चाहिए।
89 साल पहले हुई थी स्कूल की स्थापना
1935 में स्थापित दून स्कूल की स्थापना कलकत्ता के एक अधिवक्ता एसआर दास ने की थी। जिन्होंने बाद में बंगाल के महाधिवक्ता के रूप में भी कार्य किया। एसआर दास की शिक्षा इंग्लैंड में छात्रों के लिए प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान मैनचेस्टर ग्रामर स्कूल में हुई। ब्रिटिश निजी बोर्डिंग स्कूल की तर्ज पर उसी दृष्टिकोण के साथ उन्होंने भारत में भारतीय छात्रों के लिए दून स्कूल स्थापित करने की योजना बनाई। वह भारतीय छात्रों को भारत में वही शैक्षिक के अवसर प्रदान करना चाहते थे, जो उन्होंने मैनचेस्टर में अनुभव किए थे।