चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले ही श्रद्धालुओं के पंजीकरण का आंकड़ा 17 लाख पार कर चुका है। इसी बीच उत्तराखंड सरकार ने सोमवार को ऑनलाइन पंजीकरण की सीमा बढ़ाकर 75 प्रतिशत की है। साथ ही प्रत्येक धाम के यात्रा मार्ग में और पंजीकरण काउंटर खोले जाने का निर्णय लिया।
अक्षय तृतीया के पर्व पर 30 अप्रैल को उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा की शुरुआत हो जाएगी। रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ मंदिर के कपाट दो मई को जबकि चमोली जिले में स्थित बद्रीनाथ मंदिर के कपाट चार मई को खुलेंगे। वहीं, होटल व्यवसायियों ने मुख्य रूप से ऑनलाइन पंजीकरण की सीमा को बढ़ाने का आग्रह किया। इससे पहले, चारधाम यात्रा के लिए 60 प्रतिशत ऑनलाइन और 40 प्रतिशत ऑफलाइन पंजीकरण की सीमा तय की गई थी।
जिला पर्यटन अधिकारियों के सुझाव और होटल व्यवसायियों के आग्रह पर पूर्व के निर्णय में आंशिक परिवर्तन करते हुए ऑनलाइन पंजीकरण की सीमा को बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का फैसला किया गया। यात्रा में श्रद्वालुओं की भारी भीड़ की संभावना के मद्देनजर होटल व्यवसायियों ने प्रत्येक धाम के यात्रा मार्ग पर कम से कम एक-एक पंजीकरण काउंटर और स्थापित करने का आग्रह भी किया। जिस पर यात्रा मार्गों पर कुछ और पंजीकरण केंद्र खोलने के निर्देश दिए गए है।
चारधाम यात्रा के लिए सरकार ने 20 मार्च से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू कर दिए थे और अब तक करीब 17 लाख श्रद्धालु अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। सबसे ज्यादा पंजीकरण केदारनाथ के लिए 6,58,149 श्रद्धालुओं ने कराए हैं। यमुनोत्री के लिए 3,10,755, गंगोत्री के लिए 3,44,278 तथा बद्रीनाथ के लिए 5,83,747 श्रद्धालुओं ने अपना पंजीकरण कराया है। यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण 25 अप्रैल से शुरू होगा।