उत्तरकाशी टलन हादसे में पिछले 9 दिन से फंसे 41 लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। रेस्क्यू ऑपरेशन को गति देने के लिए अंतरराष्ट्रीय से एक्सपर्ट को भी बुलाया गया है। अंतरराष्ट्रीय सुरंग विशेषज्ञ प्रो.अर्नोल्ड डिक्स भी सिलक्यारा पहुंचकर बचाव अभियान में जुड़ गए हैं।
ऑस्ट्रेलिया से यात्री विमान में दो दिन की लंबी यात्रा कर वह भारत पहुंचे। यहां जौलीग्रांट एयरपोर्ट से सरकारी हेलीकॉप्टर से उन्हें उत्तरकाशी पहुंचाया गया। दिलचस्प बात यह है कि सिलक्यारा में उन्होंने सबसे पहले मां काली की आराधना की। सुरंग के मुहाने पर बाबा बौखनाग के मंदिर में माथा टेका।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘लिंक्डइन’ पर लिखा, ‘मैं हिंदुओं के लिए सबसे पवित्र स्थल पर हूं। दुनिया की सभी संस्कृतियों में सुरंग सुरक्षा के लिए प्रार्थना की परंपरा है और यह सैंकड़ों वर्षों से चली आ रही है। दुनिया की सभी सुरंगों में सुरंग बनाने वालों का प्रार्थना स्थल मिलेगा, पश्चिमी देशों में भी।
सुरंग में प्रवेश से पहले इस पवित्र स्थान के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए मैंने हिदू देवी काली से 41 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रार्थना की।’ भूवैज्ञानी इंजीनियर अर्नोल्ड इंटरनेशनल टनलिंग एंड अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं।