इनोवा कार की स्पीड यूटर्न के बाद वापसी में गोविंदगढ़ में लगभग 64 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। इसके बाद बल्लीवाला तक का सफर 35 सेकेंड में तय किया। इस हिसाब से स्पीड करीब 77 किलोमीटर प्रतिघंटा रही। यहीं से अगली दूरी 2.8 किलोमीटर की 120 सेकेंड में पूरी की। सिनर्जी तक यह स्पीड लगभग 84 किलोमीटर प्रतिघंटा रही। यहीं से शुरू हुई काल की स्पीड। ओएनजीसी चौक तक का 600 मीटर का सफर कार ने केवल 14 सेकेंड में तय किया। इस हिसाब से स्पीड 154 किलोमीटर प्रतिघंटा रही। यानी साफ है कि जब कार दुर्घटनाग्रस्त हुई तो उसकी स्पीड करीब 150 किलोमीटर प्रतिघंटा ही रही होगी।
स्मार्ट सिटी के कैमरों से पता चला है कि लग्जरी कार ने इनोवा कार को बल्लूपुर चौक पर क्रॉस किया था। शायद उसका आगे निकलना युवाओं से बर्दाश्त नहीं हुआ और उन्होंने इससे रेस लगाना शुरू कर दिया। सिनर्जी से स्पीड बढ़ी तो इतनी बढ़ी कि आगे ओएनजीसी चौक पर संभली ही नहीं और कार कंटेनर से जा टकराई।
किशननगर चौक से ओएनजीसी चौक तक चार मिनट में पहुंचा कंटेनर हादसे का कारण बना कंटेनर सामान्य स्पीड से सफर तय कर रहा था। कंटेनर रात 1.15 बजे किशननगर चौक पर दिखाई दिया। जबकि, वह ओएनजीसी चौक पर रात 1.19 बजे पहुंचा था। यानी यह करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी उसने चार मिनट में तय की। इस हिसाब से उसकी स्पीड करीब 20 से 22 किलोमीटर प्रतिघंटा ही रही होगी।