कांवड़ मेले में अभी तक दो करोड़ 19 लाख 70 हजार कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों को रवाना हो गए है. इसी के साथ ही आज से डाक कांवड़ की शुरुआत भी हो गई है. इस बार महाशिवरात्रि से छह दिन पहले ही डाक कांवड़ वाहनों का हरिद्वार पहुंचना शुरू हो गया है. सामान्य तौर पर डाक कांवड़ का संचालन शिवरात्रि से करीब चार दिन पहले शुरू होता है, लेकिन इस बार समय से पहले बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने से हरिद्वार-लक्सर मार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई.
अभी तक पैदल गंगाजल लेने वाले कांवड़ियों का सैलाब हरिद्वार में उमड़ रहा है. इसलिए कांवड़ियों का आंकड़ा करीब दो करोड़ बीस लाख पहुंच गया है. डाक कांवड़ की शुरुआत होते ही गुरुवार को हरिद्वार-लक्सर मार्ग पर डाक कांवड़ वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं. बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रशासन ने लक्सर की ओर से आने वाले डाक कांवड़ वाहनों को बैरागी कैंप क्षेत्र में पार्क कराना शुरू कर दिया है, ताकि हाईवे पर यातायात सुचारु रखा जा सके.
इसके बावजूद कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं. जाम का सबसे अधिक असर जगजीतपुर से जियापोता तक देखने को मिला. सामान्य दिनों में करीब 15 मिनट में तय होने वाली दूरी को पार करने में लोगों को एक घंटे तक का समय लग रहा है. जाम में निजी वाहनों के साथ रोडवेज की कई बसें भी फंस गईं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
कांवड़ियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस और प्रशासन यातायात व्यवस्था संभालने में जुटा है. प्रमुख चौराहों और संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. आने वाले दिनों में डाक कांवड़ वाहनों की संख्या और बढ़ने की संभावना है. इसे देखते हुए पार्किंग और डायवर्जन व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि आम लोगों और श्रद्धालुओं को कम से कम परेशानी हो और कांवड़ यात्रा सुचारु रूप से संचालित की जा सके.
जगजीतपुर मेडिकल कॉलेज के पास जलभराव ने बढ़ाई परेशानी: हरिद्वार के जगजीतपुर क्षेत्र में कुछ दिन पहले नई सीवर लाइन बिछाने का कार्य किया गया था. सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं की गई. लिहाजा गड्ढों में पानी भरने के कारण लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. स्थानीय लोगों के साथ-साथ कांवड़िए भी गड्ढों और पानी के बीच से गुजरते नजर आए.
