उत्तराखंड हाई कोर्ट ने तीर्थनगरी हरिद्वार के हर की पैड़ी के रोडी बेलवाला में पार्किंग के निर्माण मामले में हरिद्वार नगर निगम और जिला विकास प्राधिकरण से जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस ऋतु बाहरी और जस्टिस राकेश थपलियाल की युगलपीठ में इस मामले को लेकर हरिद्वार निवासी जेपी बडोनी की ओर से दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि जिस जमीन पर हरिद्वार नगर निगम और जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) की ओर से पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है वह भूमि यूपी सरकार की है। यूपी सरकार ने बताया कि हरिद्वार नगर निगम और डीडीए की ओर से इस मामले में उप्र सरकार से अनुमति नहीं ली गई है। जिसके बाद अदालत ने दोनों पक्षकारों से 12 सितम्बर तक जवाब दाखिल करने को कहा है।
साल 2023 में दायर इस जनहित याचिका में याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि हरिद्वार नगर निगम द्वारा राधाकृष्ण अग्रवाल कमेटी की सिफारिश के विपरीत हर की पैड़ी के पास रोड़ी बेलवाला में बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। याचिका में बताया गया कि शहर के बीचोंबीच यही एकमात्र मैदान है जो कुंभ मेला, कांवड़ मेला, महाशिवरात्रि और बड़े आयोजनों पर भीड़ को नियंत्रित करने में बहुत सहायक साबित होता है।
साथ ही याचिका में यह भी कहा गया कि साल 1996 में जब सोमवती अमावस्या पर भगदड़ के दौरान 22 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद उप्र सरकार की ओर से राधाकृष्ण कमेटी का गठन किया गया। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में घाटों के किनारे पार्किंग का निर्माण नहीं करने की सिफारिश की थी। इसके बाद अदालत ने विगत 27 अगस्त को सभी पक्षों को सुनने के बाद यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश जारी कर दिए थे।