राज्य के लघु उद्योगों को मिलेगी केंद्र के बजट से संजीवनी, MSME के लिए की गई घोषणा पर से खुशी

राज्य के लघु उद्योगों को केंद्र सरकार के बजट की संजीवनी मिलेगी। लंबे समय से पूंजीगत समस्याओं का सामना कर रहे छोटे उद्योग को विस्तार मिल सकेगा। मुद्रा लोन की लिमिट दोगुना किए जाने का भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लघु उद्योगों को ही लाभ मिलेगा। भारतीय उद्योग परिसंघ ने एमएसएमई के लिए की घोषणाओं की तारीफ की है। इससे राज्य के करीब साढ़े तीन हजार लघु उद्योगों को लाभ होगा। साथ ही नए लघु उद्योग स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।

केंद्रीय बजट में एमएसएमई सेक्टर के लिए कई बड़ी घोषणा किए जाने से स्थानीय उद्यमियों में उत्साह है। भारतीय उद्योग परिसंघ की उत्तराखंड इकाई के पूर्व चेयरमैन हेमंत के अरोड़ा ने बताया कि इस सेक्टर में अब 100 करोड़ रुपये तक लोन दिए जा सकेंगे। सरकार की तरफ से एमएसएमई के लिए लोन गारंटी योजना में छोटे कारोबारियों के लिए नई क्रेडिट स्कीम का प्रस्ताव किया गया है, जो काफी फायदेमंद होगा।

सरकार को करनी होगा मॉनिटर
बताया कि राज्य में स्थापित उद्योगों में 80 प्रतिशत तक उद्योग एमएसएमई श्रेणी में आते हैं। जिन्हें बजट से लाभ मिलेगा। मुद्रा लोन की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दिए जाने का भी लाभ मिलेगा।उद्यमी अनिल मारवाह और राकेश भाटिया का कहना है कि बैंक बिना गारंटी के लोन देने में रूचि नहीं दिखाता है। ऐसे में सरकार की घोषणा को धरातल पर उतारने के लिए सरकार को मॉनिटर भी करना होगा।
तभी इसका लाभ मिल सकेगा। सीआईआई उत्तरी क्षेत्र के अध्यक्ष माधव सिंघानिया का कहना है कि एमएसएमई के लिए क्रेडिट गारंटी योजना शुरू करने की पहल, मुद्रा ऋण में वृद्धि और पीपीपी मॉडल के तहत ई-कॉमर्स हब की शुरुआत से न केवल इन क्षेत्रों में राजस्व को बढ़ावा मिलेगा बल्कि रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और उच्च वेतन के अवसर भी मिलेंगे।
उद्यमियों ने श्रमिकों के लिए डोरमेटरी का किया स्वागत

इंडस्ट्रियल एरिया में श्रमिकों के आवास बड़ी समस्या है। जहां भी इंडस्ट्रियल एरिया विकसित होता है वहां जमीनों के दाम और आवासों का किराया बढ़ जाता है। बजट में केंद्र सरकार ने इंडस्ट्री के साथ मिलकर श्रमिकों के लिए पीपीपी मोड में डोरमेटरी बनाने की घोषणा की है। सीआईआई के पूर्व चेयरमैन हेमंत के अरोड़ा का कहना है कि यह सरकार की दूरगामी सोच है। इंडस्ट्रीज को आसानी से श्रमिक मिलेंगे तो कई तरह की समस्याओं का समाधान होगा। सीआईआई उपाध्यक्ष सुयश अग्रवाल का कहना है कि 10 लाख करोड़ का प्रावधान अर्बन डेवलपमेंट फॉर हाउसिंग के लिए किया गया है। इससे शहरों में रहे रहे मध्यम वर्ग के लोगों का लाभ मिलेाग।

बजट पर उद्यमियों की परिचर्चा

बजट में व्यापार करने में आसानी पर जोर दिया गया है। स्टांप ड्यूटी को तर्कसंगत बनाने और व्यापार सुधारों के लिए राज्यों को प्रोत्साहित करने जैसे उपाय एक सकारात्मक कदम है। बजट में कई तरह की पहल कम कार्बन वाले भविष्य की दिशा में भारत की प्रगति को गति देगी। – कनिष्क जैन, अध्यक्ष सीआईआई उत्तराखंड राज्य परिषद

केंद्र सरकार के बजट में राज्यों में आने वाली आपदा की भरपाई करने की प्रतिबद्धता जताई है। जो खासतौर से बादल फटने, भूस्खलन आदि से प्रभावित रहने वाले उत्तराखंड राज्य के लिए जरूरी था। यह बजट देश की आर्थिक जरूरतों को पूरा करेगा। बुनियादी ढांचे के लिए 11.11 ट्रिलियन रुपये से उत्पादकता बढ़ेगी और विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियां पैदा होंगी। – हेमंत के अरोडा, पूर्व अध्यक्ष सीआईआई उत्तराखंड
उद्योगपति बोले

केंद्रीय बजट देश के भविष्य के विकास और आर्थिक विकास को मजबूत करेगा। विकसित भारत पर जोर देने की बात स्वागत योग्य है। बजट में सभी के लिए पर्याप्त अवसर पैदा करने के लिए 9 प्राथमिकताओं पर निरंतर प्रयासों की परिकल्पना की गई है, जो भारत के लिए उच्च विकास की ओर ले जाएगा। – सुयश अग्रवाल, उपाध्यक्ष सीआईआई उत्तराखंड

सरकार का कौशल विकास पर विशेष ध्यान है और वह सीएसआर फंड का उपयोग करके एक करोड़ युवाओं को शीर्ष 500 कंपनियों में इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करेगी। इससे छात्रों को लाभ मिलेगा। साथ ही बजट में मॉडल स्किलिंग ऋण योजना को संशोधित करने की योजना की रूपरेखा तैयार की गई है। – वीरेंद्र कालरा, उद्यमी

बजट ने तनाव का सामना कर रहे एमएसएमई को मजबूत प्रोत्साहन दिया है। इस क्षेत्र को कई विपरीत परिस्थितियों का सामना करना रहे लघु उद्यमियों को सुविधा मिलेगी। बजट में महिलाओं के लिए लागू होने वाली योजनाओं में 3 लाख करोड़ रुपये के आवंटन का फैसला भी स्वागत योग्य है। – हर्षित गुप्ता, सह-संयोजक सीआईआई

एमएसएमई को प्रोत्साहन मिला है। क्रेडिट गारंटी स्कीम को विस्तार दिया जाना स्वागतयोग्य है। लेकिन फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज के लिए घोषणा नहीं हुई। साथ ही एमएसएमई के भारी भरकम ब्याज पर राहत नहीं मिली है। स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और आईटीआई को अपग्रेड किया जाना अच्छा कदम साबित होगा। – अनिल मारवाह, राज्य समन्वयक, फूड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

एमएसएमई सेक्टर सबसे अधिक रोजगार देता है। सरकार ने बिना गारंटी लोन की घोषणा तो कर दी है, लेकिन सच्चाई यह है कि बैंक बिना गारंटी के दो लाख का लोन भी नहीं देता है। इसी तरह मुद्रा लोन देने की बातें भी बैंक तक पहुंचकर हवाई हो जाती हैं। अब देखना यह है कि बजट की घोषणाएं धरातल पर उतरती हैं या नहीं। – राकेश भाटिया, चेयरमैन इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

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