चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में बादल फटने से आई आपदा में अब प्रभावितों के विस्थापन की चुनौती है। प्रशासन प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर शिविरों में रहने को कह रहा है लेकिन प्रभावित अपने घरों को छोड़ने को तैयार नहीं है।
आपदा में लापता पांच और लोगों के शव मिल गए हैं। इसके साथ ही यहां मृतकों की संख्या सात पहुंच गई है। दो लोग अब भी लापता हैं, जिनकी खोजबीन की जा रही है। घर क्षतिग्रस्त होने से बेघर हुए 84 ग्रामीणों को प्रशासन ने राहत शिविरों में शिफ्ट किया है।
आपदा में 15 से अधिक मकान मलबे में दब गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को नंदानगर के आपदाग्रस्त क्षेत्र पहुंचे। वह राहत और बचाव कार्यों का जायजा लेने के साथ ही प्रभावितों से मुलाकात भी करेंगे।
17 सितंबर की रात नंदानगर क्षेत्र के कुंतरी, धुर्मा गांव में अतिवृष्टि से हालात बिगड़े. जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, घटना में पहले 12 लोगों के मलबे में लापता होने की खबर आई. जिसमें से 7 शव निकाले जा चुके हैं. दो व्यक्तियों का मलबे से सकुशल रेस्क्यू किया गया. अभी भी कुछ लोग लापता हैं. जिनके लिए सर्च ऑपरेशन जारी है. कुंतारी लगा फाली, धुर्मा वार्ड में में 27 से 30 भवन व गौशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं.
सीएम धामी आपदा के पहले ही दिन से हालातों पर नजर बनाये हुये हैं. सीएम धामी ने राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होने के निर्देश दिये. अधिकारियों प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के साथ ही लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए कहा.
इसके साथ ही सीएम धामी ने प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था और नेटवर्क कनेक्टिविटी शीघ्र पुनः स्थापित करने के निर्देश दिये. आपदा प्रभावित लोगों के लिए आश्रय, भोजन, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था के साथ ही प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में चिकित्सक एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया.घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने तथा प्रभावितों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने को लेकर भी सीएम धामी ने पहले ही दिन स्पष्ट निर्देश अधिकारियों को दिये.