उत्तराखंड में एक बांग्लादेशी नागरिक और देहरादून जिले की महिला को गिरफ्तार किया गया है. बांग्लादेशी नागरिक फर्जी नाम पता, आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत अन्य पहचान पत्रों को बनवाकर देहरादून में अवैध रूप से रहा था. जबकि, महिला बांग्लादेशी नागरिक का फर्जी पहचान पत्र बनवाकर उसके पत्नी के रूप में रह रही थी. यह महिला देहरादून जिले की त्यूनी क्षेत्र की रहने वाली है.
बता दें कि ऑपरेशन कालनेमि के तहत कार्रवाई करते हुए नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने एक बांग्लादेशी नागरिक और त्यूनी की एक महिला को दबोचा है. बताया जा रहा है कि फेसबुक के माध्यम से बांग्लादेशी नागरिक त्यूनी निवासी महिला के संपर्क में आया था. वो पहले महिला से मिलने 3 बार टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था. साल 2022 में आरोपी और महिला अवैध तरीके से बार्डर क्रास करके बांग्लादेश गए थे.
साल 2022 में ही अवैध तरीके से दोबारा बांग्लादेश से बॉर्डर क्रॉस कर वापस भारत आए थे. आरोपी वर्तमान में देहरादून के क्लब में महिला के पति के फर्जी पहचान पत्र के आधार पर बाउंसर का काम करता था. महिला ने कुछ लोगों से मिलकर अपने पहले पति के नाम पर आरोपी (बांग्लादेशी नागरिक) के सभी फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए थे.
दरअसल, कॉलोनी थाना नेहरू और एलआईयू को बीती 20 नवंबर को अवैध रूप से बॉर्डर क्रॉस कर भारत में आकर रह रहे एक बांग्लादेशी पुरुष के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में एक महिला के साथ रहने की सूचना मिली. जिस पर पुलिस ने दोनों संदिग्ध महिला और पुरुष को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ में पुरुष ने अपना असली नाम ममून हसन निवासी मेहरपुर (बांग्लादेश) बताया. जबकि, महिला त्यूनी तहसील क्षेत्र की रहने वाली निकली.
उसके बाद दोनों बांग्लादेश भी गए. जहां पर निकाह करने के बाद दोनों कुछ समय बाद अवैध रूप से बॉर्डर क्रॉस करके भारत आए. फिर से देहरादून में किराए पर अलग-अलग जगह रहने लगे. इसके लिए महिला ने अपने पहले पति के दस्तावेज के नाम पर ममून हसन के कागजात बनवा दिए.
महिला ने अपने कुछ परिचितों की सहायता से ममून हसन के लिए अपने पहले पति के नाम के फर्जी पहचान पत्र बनवाए. ममूम महिला के पहले पति के रूप में रहने लगा. ममून हसन देहरादून के क्लब में महिला के पहले के नाम और पहचान पत्र से बाउंसर का काम करने लगा.