जयकारों के साथ बंद हुये केदारनाथ के कपाट, 18,644 श्रद्धालु बने साक्षी, 16 लाख पार हुआ भक्तों का आंकड़ा

चारधामों में शुमार बाबा केदारनाथ के कपाट भैयादूज पर्व पर सुबह आठ बजकर तीस मिनट पर शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं. आज कपाट बंद होने तक 18, 644 श्रद्धालु बाबा केदार के दरबार पहुंचे. ये सभी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने. सभी श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया. इस साल केदारनाथ यात्रा में 16,52,076 श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचे.

बता दें बाबा केदार के कपाट ऊं नमः शिवाय और जय बाबा केदार के जयघोष के बीच विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के साथ बंद किए गए. भगवान भोले नाथ 6 माह के लिए समाधि में लीन हो गए हैं. इसी बीच भारी संख्या में श्रद्धालु आर्मी की बैंड धुनों में जमकर थिरकते नजर आए.

आज यमुनोत्री धाम के कपाट भी विधि-विधान के साथ बंद हो गए हैं. इससे पहले यानी गोवर्धन पर्व (2 अक्टूबर) पर गंगोत्री धाम के कपाट वैदिक विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद हो गए थे. वहीं, बाबा बदरी के कपाट अभी भी श्रद्धालु के लिए खुले हैं.

कपाट बंद होने के अवसर पर दिवाली के दिन से बाबा केदार के मंदिर को फूलों से भव्य सजाया गया था. आज 18, 644 से ज्यादा श्रद्धालु बाबा केदार के कपाट बंद होने के साक्षी बने हैं. भगवान शिव केदारनाथ धाम में ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान हैं. उत्तराखंड चारधाम यात्रा 10 मई को शुरू हुई थी. देश-विदेश से लाखों की संख्या में तीर्थयात्री गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम पहुंचे.

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