उत्तराखंड में आसमान से आफत बरस रही है। मॉनसून सीजन में झमाझम बारिश से कहीं लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली तो बरसात कहीं आफत बनकर लोगों पर जमकर बरस रही है।पर्वतीय इलाकों में बारिश की वजह से कहीं पुल टूटे हैं तो कहीं पर सड़कें बहुत बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं हैं। बंद सड़कों को खोलने का काम जारी है, लेकिन खराब मौसम और पहाड़ी से पत्थर गिरने की वजह से काफी परेशानी हो रही है।उत्तरकाशी जिले के यमुनोत्री क्षेत्र में गुरुवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से काफी नुकसान हुआ है। भारी बारिश के बाद यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से यमुनोत्री धाम में नदी के किनारे बने पुरोहित सभा के कक्ष को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, मंदिर समिति का जनरेटर सहित स्ट्रीट लाइटें भी क्षतिग्रस्त हुईं हैं।
बारिश की वजह मंदिर के निचले इलाकों में मलबा आ गया। इसके अलावा, राम मंदिर में पर्यटन विभाग का पंजीकरण केंद्र को काफी नुकसान पहुंचा है। जबकि, जानकीचट्टी में पार्किंग में पानी आने से एक बाइक व तीन खच्चर बहने की सूचना है। फिलहाल राहत की बात है कि अतिवृष्टि की वजह से किसी के करने की कोई सूचना नहीं है।यमुना नदी का जलस्तर सामान्य है और किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। उत्तरकाशी के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि यमुना नदी के जलस्तर में इजाफ होने की वजह से पुरोहित सभा का कमरा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। प्रशासन की ओर से राहत व बचाव का कार्य जारी है।
बारिश के बाद 100 से ज्यादा सड़कें बंद
उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही बारिश की वजह से सड़कों को काफी नुकसान पहुंचा है। प्रदेशभर में 100 के करीब सड़कों पर संचालन बंद हो गया है।यमुनोत्री नेशनल हाईवे डाबरकोट, बनास व हनुमानचट्टी के पास बोल्डर गिरने से बाधित हो गया है।
जबकि, बदरीनाथ हाईवे पर भूस्खलन के बाद रास्ता बंद हो गया है। बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर पागलनानला, कंचनगंगा, भनेरपनी में मलबा आने के कारण ट्रैफिक संचालन बंद हो गया है। गुरुवार रात की बारिश के बाद चमोली के नन्दप्रयाग नन्दानगर सडक कांडई पुल के समीप पूरी तरह वॉशआउट हो गई है।
राहत व बचाव दल रवाना
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि एसडीएम बड़कोट को तुरंत ही यमुनोत्री क्षेत्रा में अत्यधिक वर्षा के कारण हुए नुकसान का आकलन करने के लिए भेज दिया गया है। कहा कि प्रभावित इलाके में राहत व बचाव कार्य शुरू किया जा चुका है। राहत की बात है कि किसी जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
ग्रामीणों की सड़र पर गुजरी रात
चमोली जिले में गुरुवार रात को हुई बारिश की वजह से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। भूस्खलन और नालों के उफान से भारी नुकसान हुआ है। गोपेश्वर बुराली में नाले के उफान से सात के करीब मकानों को काफी नुकसान पहुंचा है।
प्रभावित लोगों ने रात में घरों से निकल कर सड़क पर रात है। प्रशासन की टीम राहत व बचाव कार्य में जुट गई है।
ट्रैकिंग में गए ट्रैक्स फंसे
रुद्रप्रयाग के मदमहेश्वर मंदिर ट्रैक पर गए ट्रैकर्स फंस गए थे। ट्रैकर्स बनतोली गौंडार में मार्कण्डेय नदी पर बने पुल के बहने से ट्रैक पर फंसे लोगों का रेस्क्यू जिलाधिकारी सौरभ गहरवार की निगरानी में सफलतापूर्वक जारी है। फंसे हुए लोगों का संपर्क उनके परिजनों से कराए जाने के साथ ही उन्हें जिला प्रशासन की ओर से फूड पैकेट्स भी वितरित किए जा रहे हैं।
दोपहर साढ़े 12 बजे तक 51 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। जिसमें उत्तर प्रदेश के 27 लोग, दिल्ली के आठ, दो लोग आंध्र प्रदेश, एक तेलंगाना, एक गुजरात के श्रद्धालु हैं। वहीं 12 स्थानीय एवं उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों से आए पर्यटन इसमें शामिल हैं। अन्य सभी लोगों को भी सुरक्षित रेस्क्यू करने को संबंधित विभागों की टीम मौके पर मौजूद है।