उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर खतरनाक तेवर अपना लिए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार और शुक्रवार के लिए प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि का बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ‘स्क्वॉल’ (तीव्र आंधी) चलने की आशंका है। इन क्षेत्रों में ओलावृष्टि से रबी की फसलों, विशेषकर सरसों और गेहूं को भारी नुकसान हो सकता है। प्रशासन ने किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है।
उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जैसे उच्च हिमालयी जिलों में 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर भारी बर्फबारी की संभावना जताई गई है। बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के ऊपरी हिस्सों में ताजा हिमपात से मार्च के महीने में भी जनवरी जैसी हाड़ कंपाने वाली ठंड का अहसास हो रहा है। पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश के कारण भूस्खलन की चेतावनी भी दी गई है।
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो बारिश और बर्फबारी के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। देहरादून में अधिकतम तापमान 24 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि मुक्तेश्वर और मसूरी जैसे हिल स्टेशनों में पारा 14 डिग्री तक लुढ़क सकता है। मौसम विभाग ने 20 मार्च तक स्थिति नाजुक बनी रहने की बात कही है।
| जिला | संभावित अधिकतम तापमान | मौसम की चेतावनी |
| देहरादून | 24°C | भारी बारिश और आंधी |
| हरिद्वार | 26°C | ओलावृष्टि का खतरा |
| नैनीताल | 18°C | तेज हवाएं और बारिश |
| पिथौरागढ़ | 14°C | भारी बारिश / बर्फबारी |
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