38वें राष्ट्रीय खेल में ग्रीन फायरवर्क्स और कोल्ड पाइरोज का इस्तेमाल, खेलों को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए पहल

38वें राष्ट्रीय खेल के आयोजन में पर्यावरण सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ग्रीन फायरवर्क्स और कोल्ड पाइरोज का उपयोग किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य प्रदूषण को कम करना और खेलों को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाना है।परंपरागत पटाखों की तुलना में ग्रीन फायरवर्क्स कम हानिकारक गैसों का उत्सर्जन करते हैं और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। इन पटाखों में रसायनों का प्रयोग सीमित किया गया है, जिससे कार्बन फुटप्रिंट भी कम होता है। इसके अलावा, कोल्ड पाइरोज़ का उपयोग किया जा रहा है, जो पारंपरिक आतिशबाज़ी की तुलना में कम धुआं और गर्मी उत्पन्न करते हैं, जिससे पर्यावरण को कम नुकसान होता है।

38वें राष्ट्रीय खेल में इस नवाचार का स्वागत किया जा रहा है और सरकार को उम्मीद है कि यह भविष्य के आयोजनों के लिए एक मिसाल बनेगा।38वें नेशनल गेम्स बैडमिंटन चैंपियनशिप के पहले दिन पुरुषों और महिलाओं की टीम स्पर्धाओं में जबरदस्त मुकाबले देखने को मिले। देहरादून के परेड ग्राउंड स्थित मल्टी-पर्पस हॉल में देश के शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और रोमांचक मुकाबलों में जोरदार खेल दिखाया।

पुरुषों के ग्रुप बी में अरुणाचल प्रदेश और राजस्थान के बीच कांटे की टक्कर हुई, लेकिन राजस्थान ने 4-1 से शानदार जीत दर्ज की। राजस्थान की टीम ने युगल मुकाबलों में दबदबा बनाते हुए महत्वपूर्ण एकल मैच भी जीतकर मुकाबला अपने नाम किया। अरुणाचल प्रदेश ने संघर्षपूर्ण प्रदर्शन किया, लेकिन निर्णायक क्षणों में जरूरी अंक हासिल करने से चूक गई।महिलाओं के ग्रुप बी में मेजबान उत्तराखंड ने गुजरात के खिलाफ जबरदस्त खेल दिखाया और 3-2 से रोमांचक जीत दर्ज की। पूरे मैच में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। अंतिम युगल मुकाबले में उत्तराखंड ने जीत दर्ज की, जहां घरेलू दर्शकों का समर्थन और खिलाड़ियों की जुझारू भावना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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