देहरादून के उत्तरांचल प्रेस क्लब में रविवार को वीर भद्र वेलफेयर सोसाइटी द्वारा दिव्यांग जनों के लिए एक भव्य टैलेंट शो का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दिव्यांग कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से यह साबित कर दिया कि कला और आत्मविश्वास किसी भी शारीरिक सीमा के मोहताज नहीं होते।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, इसके पश्चात अतिथियों का सम्मान किया गया और स्वागत गान प्रस्तुत किया गया। संस्था का उद्देश्य: आत्मनिर्भरता और अधिकारों की रक्षा वीर भद्र वेलफेयर सोसाइटी की सचिव अनीता शास्त्री ने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों और कलाकारों का अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था पिछले चार वर्षों से दिव्यांग जनों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग जनों को आत्मनिर्भर बनाना, उनकी प्रतिभा को मंच देना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है। साथ ही उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि उत्तराखंड में किसी भी दिव्यांग को यदि कभी समस्या आएगी तो वीर भद्र वेलफेयर सोसाइटी उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।

इस अवसर पर उनकी बहन भूमिका यादव ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग दिया। भावनाओं और प्रतिभा से सजा मंच कार्यक्रम के दौरान कई भावुक और मनोरंजक प्रस्तुतियाँ देखने को मिलीं। नवीन कुमार ने स्वर्गीय श्री धीरेंद्र फौजी पर अपनी स्वरचित कविता पढ़कर श्रोताओं को भावुक कर दिया। सचिन वडेरा ने “चिट्ठी ना कोई संदेश कहाँ तुम चले गए” गीत प्रस्तुत कर माहौल को गमगीन कर दिया, वहीं निर्मला मेहता ने अपने नृत्य से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। चंद्रकला जोशी ने कुमाऊनी गीत गाकर पूरे कार्यक्रम को लोक रंग में रंग दिया। इसके अलावा अनुराग, निवेदिता, नवीन कुमार सहित अन्य कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

गोविंद दास ने की-बोर्ड पर अपनी उँगलियों का जादू बिखेरते हुए सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। ठहाकों से गूंज उठा प्रेस क्लब कार्यक्रम के विशेष आकर्षण रहे अभय कुमार शर्मा, जो दृष्टिबाधित कॉमेडियन और Laughter Challenge Show के चैंपियन हैं। उन्होंने नेताओं की मिमिक्री और अपने स्टैंड-अप कॉमेडी से दर्शकों को देर तक हँसाया और खूब तालियाँ बटोरीं। कार्यक्रम दोपहर तीन बजे शुरू होकर रात नौ बजे तक चला।

स्वर्गीय धीरू भैया की स्मृति में आयोजन यह टैलेंट शो स्वर्गीय श्री धीरू भैया की स्मृति में आयोजित किया गया था, जिनका 30 मई को अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण निधन हो गया था। आयोजन के दौरान उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

सम्मान समारोह
कार्यक्रम में नीरजा गोयल को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही सोहन दास को भी सम्मान मिला, जिन्होंने दृष्टिबाधित होने के बावजूद दो बार हिंदी विशेषण नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर एक मिसाल कायम की है।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि
• नीरजा गोयल
• अभय कुमार शर्मा
• कविता रावत
• सचिन वडेरा
• निर्मला मेहता
• चंद्रकला जोशी
• निवेदिता
यह आयोजन न केवल दिव्यांग जनों की प्रतिभा को मंच देने वाला रहा, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे गया कि सही अवसर और सम्मान मिलने पर दिव्यांग जन भी हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।