1975 में इंदिरा गांधी के कुशासन से त्रस्त देश की जनता को जगाने के लिए जाग्रत कार्टूनिस्ट के तौर पर अहम रोल अदा किया, उनके कार्टून्स से सरकार को बहुत समस्या हुई और बदायूं के जिला कारागार में, ये कहते हुए उनकी उंगलियां तोड़ी गयी कि “कि इंदिरा की के खिलाफ तू इन्ही उंगलियों के इस्तेमाल करता है ना ” और उनकी दसों उंगलियोंको तोड़ा गया। 2 साल जेल की कैद और परिवार के ऊपर सैकड़ो अत्याचार । Bjp सरकार में आने के बाद कुछ राहत मिली, उन्हें लोकतंत्र सेनानी की पहचान मिली, “क्योंकि सच्चा लोकतंत्र बचाने में उनकी भी एक भूमिका थी.
