गर्मियों में पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए जल संस्थान अब पानी बर्बाद करने वालों पर सख्त हो गया है। घर-आंगन में फ्लो प्वाइंट से पानी बहने, वाहन धोने, सड़क पर पानी छिड़कने आदि पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा प्राकृतिक जल स्रोतों के आसपास पिकनिक कर गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध भी जल संस्थान विधिक कार्रवाई करेगा। ऐसे व्यक्तियों की सूचना जल संस्थान के टोल फ्री नंबर पर की जा सकती है।
जल संस्थान की मुख्य महाप्रबंधक नीलिमा गर्ग ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर अधीनस्थों के साथ समीक्षा बैठक की। जिसमें उन्होंने पेयजल उपलब्धता, मांग और आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। साथ ही गर्मियों में पेयजल संकट से निपटने के लिए की गई तैयारियों का भी जायजा लिया।
खासकर गर्मियों के दौरान पेयजल संकट से बचने के लिए आंगन, वाहन धोने, सड़क पर पानी छिड़कने और गार्डन में पानी छोड़ने से बचें। उन्होंने बताया कि मासीफाल (शिखर फाल) में जल संस्थान का प्रमुख प्राकृतिक जल स्रोत है। जहां से दून के बड़े आबादी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की जाती है।
पिछले कुछ समय से वहां लोगों के पिकनिक मनाने और पानी में गंदगी डालने की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे में जल संस्थान की ओर से वहां सीसीटीवी कैमरे लगाने पर विचार किया जा रहा है। पानी को दूषित करने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
टोल फ्री नंबर 18001804100 पर करें शिकायत
पानी बर्बाद करने वालों की शिकायत करने और पेयजल आपूर्ति बाधित होने संबंधी शिकायत जल संस्थान के टोल फ्री नंबर 18001804100 पर कर सकते हैं। इसके अलावा दिलाराम बाजार स्थित वाटर वर्क्स में बनाए गए कंट्रोल रूम में भी लिखित शिकायत दी जा सकती है।