दबिश देकर आरोपित को गिरफ्तार किया और बच्ची को सुरक्षित बचाया
आसपास काफी खोजबीन की, लेकिन बच्ची और बब्बू का कोई पता नहीं चला। उन्होंने बब्बू के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, तो वह स्विच ऑफ आ रहा था। परिवार की शिकायत पर तुरंत मुकदमा दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कनखल थानाध्यक्ष मनोज नौटियाल के नेतृत्व में पुलिस टीमें गठित कीं।
सीसीटीवी कैमरे खंगालने पर मालूम हुआ कि बच्ची को लेकर ई-रिक्शा से हरिद्वार बस अड्डे पहुंचा और फिर दिल्ली जाने वाली बस में सवार हो गया। कई जगहों की तलाश के बाद गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के पास आर्यनगर में आरोपित के होने की सूचना मिली। बिना समय गंवाए पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया और बच्ची को सुरक्षित बचा लिया।
पत्नी ने छोड़ दिया और अलग रहने लगी
पूछताछ में आरोपित बब्बू ने चौंकाने वाला खुलासा किया। छह महीने पहले बच्ची की मां ने बब्बू की शादी एक जानकार महिला से करवाई थी। शादी के बाद बब्बू की पत्नी को उसके शराब पीने और मारपीट करने की आदत से परेशानी होने लगी। कुछ ही समय बाद उसकी पत्नी ने उसे छोड़ दिया और अलग रहने लगी।